कहते हैं असली हीरे की पहचान जौहरी ही कर पाता है और शार्क टैंक इंडिया सीजन 1 में अमन गुप्ता ने यही साबित कर दिया। जब हेल्दी स्नैक ब्रांड Let’s Try के फाउंडर शो में आए, तो कुछ शार्क्स ने इस बिज़नेस को बड़ा जोखिम माना, लेकिन अमन ने इसमें भविष्य देख लिया। कंपनी कुछ ही महीने पुरानी थी, लेकिन 5 महीनों की 16 लाख की सेल ने गजब का प्रभाव छोड़ा। फाउंडर ने 2% इक्विटी के बदले 45 लाख की मांग की थी, जिससे साफ था कि वह अपने ब्रांड पर पूरा भरोसा रखते हैं।
दूसरों ने छोड़ा, अमन अकेले आगे बढ़े
फाउंडर्स की बात सुनकर अमन गुप्ता और अनुपम मित्तल निवेश को तैयार हो गए, जबकि अशनीर ग्रोवर और नमिता थापर ने साफ मना कर दिया। अमन और अनुपम ने मिलकर 12% इक्विटी के लिए 45 लाख का ऑफर दिया, जिसे फाउंडर्स ने स्वीकार किया। लेकिन बाद में अनुपम इस डील से पीछे हट गए। इसके बाद अमन ने अकेले आगे बढ़ने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि उन्हें फाउंडर नितिन कालरा की आंखों में ‘कुछ कर गुजरने की आग’ दिखाई दी, इसी वजह से उन्होंने जोखिम उठाने में देर नहीं की।
ये भी पढ़ें : Ranchi की होटल में बैठे-बैठे 15 मिनट में पहुंच गई शादी की ड्रेस, अमेरिकी CEO भी दंग, जो कहा वो जानिए ?
12 लाख का दांव बना 40 करोड़
अमन ने Let’s Try में करीब 7-8% हिस्सेदारी के लिए 12 लाख रुपये लगाए थे। देखते ही देखते कंपनी की वैल्यूएशन इतनी तेजी से बढ़ी कि अमन का यह छोटा निवेश आज 40 करोड़ रुपये की वैल्यू का हो चुका है। अमन ने रिपब्लिक वर्ल्ड से बातचीत में कहा कि यह शार्क टैंक में किया गया उनका सबसे सफल निवेश है। बाकी शार्क्स को लगता था कि स्नैक इंडस्ट्री में पहले से हल्दीराम जैसे दिग्गज मौजूद हैं, लेकिन अमन को विश्वास था कि Let’s Try अपनी खास पहचान बना पाएगा और वही हुआ।
50 गुना उछाल, Start-up बना सफलता की मिसाल
रिपोर्ट्स के मुताबिक Let’s Try की वैल्यूएशन शो के समय 3.75 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 324 करोड़ रुपये पहुंच चुकी है—यानी करीब 50 गुना उछाल। फाउंडर नितिन कालरा की मेहनत और विज़न ने ब्रांड को हेल्दी स्नैक मार्केट में मजबूत जगह दिलाई है। अमन गुप्ता कहते हैं कि हर निवेश सिर्फ नंबरों पर नहीं, बल्कि फाउंडर के जुनून पर भी निर्भर करता है और Let’s Try इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।