
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस पर बड़ा हमला किया है। उन्होंने यहां की दो बड़ी रूसी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकॉयल पर पाबंदी लगाई है। ट्रंप ने यह कदम रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ यूक्रेन में युद्ध विराम को लेकर समझौता नहीं करने के कारण उठाया है। ट्रंप ने कहा कि अगर रूस यूक्रेन में युद्ध विराम के लिए सहमत नहीं होता है, तो वह रूसी तेल पर द्वितीयक टैरिफ लगाएंगे। इसका मतलब है कि जो देश रूसी तेल खरीदेगा, उन्हें अमेरिकी बाजार में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
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ट्रंप क्यों लिया ऐसा फैसला
ट्रंप का यह कदम रूस पर दबाव बनाने के लिए है ताकि यूक्रेन में युद्ध विराम के लिए वह सहमत हो। रूसी तेल पर द्वितीयक टैरिफसे तेल बाजार पर असर पड़ेगा। इससे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं। भारत और चीन जैसे देश जो रूसी तेल के बड़े खरीदार हैं, उन्हें अमेरिकी बाजार में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
द्वितीयक टैरिफ क्या है?
द्वितीयक टैरिफ का अर्थ है कि अगर कोई देश रूसी तेल खरीदता है, तो उस देश के उत्पादों पर अमेरिका में टैरिफ लगाया जाएगा। यह टैरिफ 25% से 50% तक हो सकता है।
रूस और यूक्रेन के बीच तनाव बरकरार
रूस और यूक्रेन के बीच तनाव कायम है। ट्रंप का यह कदम तनाव को बढ़ा सकता है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका ने उन्हें बताया है कि रूस ने युद्ध विराम के उल्लंघन किया है। ऐसे में कड़े कदम उठानेे की सख्त जरूरत है। आपको बता दें कि बीते तीन साल से दोनों देशों के बीच युद्ध जारी है। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग मारे जा चुके हैं। अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाया है। इस तरह से अमेरिका रूस को अलग थलग कोशिश करने में लगा हुआ है ताकि वह यूक्रेन से युद्ध की जिद्द को छोड़ दे।