Uddhav Thackeray Sends Strong Message: शिवसेना के स्थापना दिवस पर आयोजित रैली में पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने संगठन में जारी राजनीतिक घटनाक्रम और विरोधियों के आरोपों पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही साबित होते हैं तो वह तत्काल अपना पद छोड़ने को तैयार हैं। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं के समर्थन और भरोसे को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया।
मुख्यमंत्री पद छोड़ने का भी किया जिक्र
रैली को संबोधित करते हुए ठाकरे ने कहा कि उन्होंने पहले भी परिस्थितियों के अनुसार जिम्मेदारी निभाई है और सत्ता से चिपके रहने की राजनीति नहीं की। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने का फैसला भी उन्होंने सिद्धांतों के आधार पर लिया था। उनका कहना था कि अगर उन्हें केवल पद की चिंता होती तो वे किसी भी कीमत पर सत्ता में बने रहते।
बागी नेताओं और विरोधियों पर साधा निशाना
उद्धव ठाकरे ने अपने संबोधन में बागी नेताओं, शिंदे गुट और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पार्टी को कमजोर करने और विभाजित करने की कोशिशें लगातार की जा रही हैं। ठाकरे ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे संगठन को मजबूत बनाए रखें और किसी भी परिस्थिति में हतोत्साहित न हों।
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कार्यकर्ताओं के समर्थन को बताया सबसे बड़ी ताकत
ठाकरे ने कहा कि कठिन राजनीतिक दौर के बावजूद शिवसैनिक उनके साथ मजबूती से खड़े रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका विश्वास ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने यह भी कहा कि नेतृत्व तभी तक सार्थक है जब तक कार्यकर्ताओं और जनता का भरोसा बना रहे।
'हर चुनौती का सामना करूंगा'
अपने संबोधन के अंत में उद्धव ठाकरे ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन में कई बड़े संकट आए हैं, लेकिन उन्होंने कभी पीछे हटने का रास्ता नहीं चुना। उन्होंने भरोसा जताया कि भविष्य की चुनौतियों का भी डटकर सामना किया जाएगा। ठाकरे ने कहा कि वे किसी दबाव में आने वाले नहीं हैं और संगठन की मजबूती के लिए लगातार संघर्ष करते रहेंगे।