
Ranjan alias Lallan Singh: बिहार की राजनीति में एक बार फिर मोकामा सुर्खियों में है। जेडीयू प्रत्याशी और बाहुबली नेता अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद मोकामा की चुनावी जंग और दिलचस्प हो गई है। पटना की एक अदालत ने रविवार को अनंत सिंह और उनके दो सहयोगियों को जन सुराज पार्टी समर्थक दुलार चंद यादव की हत्या मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। अनंत सिंह के जेल जाने के बाद जेडीयू के सीनियर नेता व केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने मोकामा में प्रचार की कमान संभाल ली है। ललन सिंह अब खुद चुनावी मैदान में उतरकर जनता से संपर्क साध रहे हैं।
षड्यंत्र का जल्द होगा पर्दाफाश
ललन सिंह ने मोकामा में जनसभाओं के दौरान कहा कि अनंत सिंह ने कानून का सम्मान करते हुए खुद को पुलिस के हवाले किया है। उन्होंने कहा कि, “अब मैंने कमान संभाल ली है, जनता चिंता न करे। पुलिस जांच कर रही है और जल्द ही पूरे षड्यंत्र का खुलासा होगा।” ललन सिंह ने कहा कि अनंत सिंह के जेल में होने से चुनावी जोश कम नहीं होगा, बल्कि अब हर कार्यकर्ता “अनंत सिंह बनकर चुनाव लड़ेगा।” मोकामा में उन्होंने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के साथ रोड शो किया और जनता से जेडीयू के पक्ष में मतदान की अपील की।
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दुलारचंद हत्या मामले से मचा सियासी बवाल
अनंत सिंह पर जन सुराज समर्थक दुलार चंद यादव की मौत में संलिप्तता के आरोप हैं। पुलिस ने उन्हें शनिवार देर रात उनके बरह स्थित आवास से हिरासत में लिया था। जानकारी के अनुसार, दुलार चंद की हाल ही में अनंत सिंह समर्थकों से झड़प हुई थी और गुरुवार को प्रचार के दौरान उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मौत हृदय और फेफड़ों में चोट लगने से हुए कार्डियोरेस्पिरेटरी फेल्योर के कारण हुई। प्रारंभिक जांच में इसे हत्या का मामला माना गया है। फिलहाल अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद मोकामा की चुनावी हवा पूरी तरह बदल चुकी है, और अब पूरा प्रचार अभियान ललन सिंह की रणनीति पर टिका हुआ है।