लॉरेंस बिश्नोई के भाई और मोस्ट वॉन्टेड गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से डिपोर्ट किए जाने के बाद भारत में NIA ने कड़ी सुरक्षा में गिरफ्तार कर लिया। उसे 19 नवंबर को IGI एयरपोर्ट पर पकड़कर सीधे पटियाला हाउस कोर्ट ले जाया गया, जहां अदालत ने इन-कैमरा सुनवाई के बाद उसे 11 दिन की NIA कस्टडी में भेज दिया। अनमोल का नाम कई हाई-प्रोफाइल मामलों में सामने आ चुका है, जिनमें NCP नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश, पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या, सलमान खान के घर के बाहर गोलीबारी और विदेश से धमकी भरे संदेश शामिल हैं। वह 2022 से फर्जी पासपोर्ट पर अमेरिका में छिपा हुआ था और वहीं से गैंग ऑपरेशन और फिरौती रैकेट चलाता था।
35 मर्डर केस से सीधा कनेक्शन?
NIA ने अदालत में बताया कि अनमोल बिश्नोई के खिलाफ 35 से अधिक हत्याओं में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल होने के प्रमाण मिले हैं। इसके अलावा उसके खिलाफ 20 से अधिक अपहरण, धमकी और हिंसा के मामलों में भी सबूत मौजूद हैं। एजेंसी का कहना है कि अनमोल ने विदेश से बैठकर अपने गैंग के लिए फंडिंग, हथियार सप्लाई और टारगेट किलिंग के लिए नेटवर्क तैयार कर रखा था। कोर्ट में यह भी जानकारी दी गई कि उसके पास से भारत के दो अलग-अलग पासपोर्ट मिलने से उसके द्वारा फर्जी दस्तावेजों के बड़े पैमाने पर उपयोग का संकेत मिलता है।
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NIA की जांच में खुलेंगे गैंग के बड़े राज
NIA को मिली 11 दिनों की हिरासत एजेंसी के लिए बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसी दौरान गैंग के संचालन, फाइनेंसिंग और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शनों की परतें खोली जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार, अनमोल बिश्नोई से पूछताछ के आधार पर दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र और हरियाणा में सक्रिय गैंगस्टरों की भूमिका और उनके बीच स्थापित लिंक को समझने में मदद मिलेगी। NIA का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क विदेश में बैठकर भारत में टारगेट किलिंग और एक्सटॉर्शन जैसे अपराधों को अंजाम देता रहा है। अनमोल की गिरफ्तारी से इस क्राइम सिंडिकेट पर बड़ा असर पड़ने की उम्मीद है।