दिल्ली में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों समेत कई मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र से जुड़े 110 मतदाताओं के नाम नोटिस वाली सूची में शामिल हैं। इनमें केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित केजरीवाल और उनके माता-पिता के नाम भी बताए गए हैं।
SIR में क्यों भेजा गया नोटिस?
चुनाव अधिकारियों के अनुसार, अरविंद केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों के मामले में मौजूदा मतदाता विवरण का पिछली SIR सूची से मिलान नहीं हो सका। दिल्ली में SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं को ‘नो मैपिंग’ और ‘लॉजिकल डिस्क्रेपेंसी’ जैसी श्रेणियों के तहत नोटिस भेजे गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस का उद्देश्य मतदाता के विवरण और पात्रता का सत्यापन करना है।
लाखों मतदाताओं को भेजे गए नोटिस
दिल्ली की मौजूदा SIR प्रक्रिया में करीब 33.13 लाख मतदाताओं को नोटिस दिए गए हैं। इनमें लगभग 13.80 लाख मतदाताओं के विवरण की पिछली सूची से मैपिंग नहीं हो सकी, जबकि करीब 19.33 लाख मामलों में तार्किक विसंगतियां दर्ज की गई हैं। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाता अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं और जरूरी दस्तावेज या जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं।
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AAP ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
केजरीवाल और उनके परिवार को नोटिस जारी होने के बाद आम आदमी पार्टी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पूछा कि पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों के नाम मतदाता सूची से जुड़े सत्यापन में कैसे सामने आए। AAP ने चुनाव आयोग से इस पूरी प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। ये सवाल पार्टी की ओर से लगाए गए आरोप और आपत्तियां हैं।
4 नवंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
दिल्ली में SIR के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने की प्रक्रिया 30 सितंबर तक चलेगी। इसके बाद नोटिस से जुड़े मामलों का निपटारा किया जाएगा और अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जानी है। इस बीच SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल हुई है, जिस पर 22 सितंबर को सुनवाई होनी है।