Ashutosh Brahmachari: उत्तर प्रदेश में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर दर्ज यौन शोषण के मुकदमे ने धार्मिक और राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। यह मामला तब सामने आया जब आशुतोष ब्रह्मचारी ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। लेकिन जैसे ही यह प्रकरण सुर्खियों में आया, आरोप लगाने वाले आशुतोष स्वयं गंभीर आपराधिक आरोपों को लेकर चर्चा में आ गए। शंकराचार्य ने पलटवार करते हुए उन्हें हिस्ट्रीशीटर बताया और उनके आपराधिक रिकॉर्ड पर सवाल उठाए।
एफआईआर से बढ़ा विवाद
प्रयागराज में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा। आशुतोष ने शंकराचार्य और उनके एक सहयोगी पर यौन शोषण का आरोप लगाया। इस कदम के बाद जहां एक ओर समर्थक और विरोधी आमने-सामने आ गए, वहीं शंकराचार्य ने सार्वजनिक बयान में आशुतोष की पृष्ठभूमि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
हिस्ट्रीशीट, दो दर्जन मुकदमे
पुलिस अभिलेखों के अनुसार आशुतोष ब्रह्मचारी उर्फ आशुतोष पांडेय के खिलाफ कई जिलों में मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं। शामली जिले के कांधला थाने में उनकी हिस्ट्रीशीट नंबर 76A दर्ज होने की बात कही जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके खिलाफ गौ-हत्या, धोखाधड़ी, जमीन कब्जाने और अन्य संगीन धाराओं में करीब दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं।
गौवध और भ्रष्टाचार के आरोप
दस्तावेजों में गौवध निषेध अधिनियम के तहत मुकदमों का उल्लेख मिलता है। गोंडा में कथित रूप से एक मामले में रिश्वत देने की कोशिश का भी जिक्र है। इसके अलावा गोमांस व्यापार से जुड़े आरोपों की भी चर्चा है। संबंधित धाराओं में गौवध अधिनियम और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के प्रावधान शामिल बताए जाते हैं।
दुष्कर्म के मामले भी दर्ज
रिकॉर्ड में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। एक विधवा महिला और एक दलित महिला से दुष्कर्म के आरोपों का भी उल्लेख मिलता है। हालांकि इन सभी मामलों में न्यायालय का अंतिम फैसला क्या है, यह स्पष्ट नहीं है। फिलहाल यह प्रकरण आरोप-प्रत्यारोप के बीच जांच और कानूनी प्रक्रिया के दायरे में है।