एशियन गेम्स 2026 के क्रिकेट मुकाबलों का कार्यक्रम और ड्रॉ जारी कर दिया गया है। मौजूदा चैंपियन भारत की पुरुष और महिला टीम अपने अभियान के लिए तैयार हैं। पुरुष टीम को सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह मिली है, जबकि भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले की संभावना अब सिर्फ सेमीफाइनल या फाइनल तक सीमित रह गई है।
भारत को मिला सीधा क्वार्टर फाइनल का टिकट
एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश को शीर्ष वरीयता मिलने के कारण सीधे क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला है। इन टीमों के प्रतिद्वंद्वी क्वालिफाइंग राउंड के बाद तय होंगे।
भारत-पाकिस्तान मैच का बना खास समीकरण
ड्रॉ के बाद साफ हो गया है कि भारत और पाकिस्तान शुरुआती दौर में आमने-सामने नहीं होंगे। दोनों टीमों के बीच मुकाबला तभी संभव होगा जब दोनों अपनी-अपनी राह में जीत दर्ज करें। ऐसे में दोनों टीमों की भिड़ंत केवल सेमीफाइनल या फाइनल में ही हो सकती है।
24 सितंबर से शुरू होगा पुरुष क्रिकेट टूर्नामेंट
पुरुष क्रिकेट प्रतियोगिता 24 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होगी। सभी मुकाबले टी20 प्रारूप में जापान के आइची प्रांत के कोरोगी एथलेटिक पार्क में खेले जाएंगे। इन मैचों को पूर्ण अंतरराष्ट्रीय दर्जा भी प्राप्त होगा।
श्रेयस अय्यर कप्तान, वैभव को भी मौका
भारतीय पुरुष टीम की कमान श्रेयस अय्यर संभालेंगे, जबकि तिलक वर्मा उपकप्तान होंगे। 15 सदस्यीय टीम में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भी शामिल किया गया है। वहीं महिला टीम अपने स्वर्ण पदक बचाने के अभियान की शुरुआत मेजबान जापान के खिलाफ करेगी।
क्वालिफाइंग राउंड से तय होंगे बाकी मुकाबले
क्वालिफाइंग राउंड में ग्रुप ए में अफगानिस्तान, जापान और नेपाल शामिल हैं, जबकि ग्रुप बी में हांगकांग, चीन, मलेशिया और ओमान की टीमें हैं। दोनों ग्रुप से शीर्ष दो टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर शीर्ष वरीयता प्राप्त टीमों से भिड़ेंगी।
इसे भी पढ़ें : हरारे में भारत का दमदार आगाज, Vaibhav और Mayank ने बनाए पांच बड़े रिकॉर्ड, इतिहास में दर्ज हुई जीत
लगातार दूसरी बार स्वर्ण बचाने की चुनौती
क्रिकेट चौथी बार एशियन गेम्स का हिस्सा होगा। भारत ने हांगझोउ 2023 में पुरुष और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीते थे। अब टीम इंडिया के सामने लगातार दूसरी बार खिताब बचाने की चुनौती होगी। साथ ही यह टूर्नामेंट 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक से पहले एशियाई टीमों के लिए भी एक महत्वपूर्ण तैयारी माना जा रहा है।