भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में शानदार जीत के साथ कई बड़े रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। हरारे में खेले गए इस मैच में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और तेज गेंदबाज मयंक यादव सबसे बड़े आकर्षण रहे। दोनों खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से इतिहास रचते हुए भारतीय क्रिकेट के नाम पांच खास उपलब्धियां जोड़ दीं।
वैभव बने सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले खिलाड़ी
15 साल 118 दिन की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने 19 गेंदों में 50 रन की विस्फोटक पारी खेली। इसके साथ ही वह पूर्ण सदस्य देशों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने सचिन तेंदुलकर का पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
टी20 अंतरराष्ट्रीय में भी बनाया नया इतिहास
वैभव सूर्यवंशी ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। इससे पहले यह रिकॉर्ड जिब्राल्टर के बल्लेबाज लुई ब्रूस के नाम था, लेकिन हरारे में खेली गई इस पारी ने वैभव को इस सूची में सबसे ऊपर पहुंचा दिया।
मयंक यादव ने पहली गेंद पर फिर किया कमाल
करीब 21 महीने बाद टीम इंडिया में लौटे मयंक यादव ने मैच की पहली ही गेंद पर विकेट लेकर शानदार शुरुआत की। इसके साथ ही वह टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों की पहली गेंद पर दो बार विकेट लेने वाले चौथे भारतीय गेंदबाज बन गए। इससे पहले यह उपलब्धि भुवनेश्वर कुमार, अर्शदीप सिंह और हार्दिक पंड्या हासिल कर चुके हैं।
पहली गेंद पर विकेट लेने वाले खास गेंदबाजों में शामिल
मयंक यादव एक और विशेष सूची में भी शामिल हो गए। वह टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की पहली गेंद पर विकेट लेने वाले तीसरे भारतीय गेंदबाज बने। उनसे पहले यह कारनामा केवल अर्शदीप सिंह और हार्दिक पंड्या ने किया था। मयंक ने अपनी वापसी को यादगार बनाते हुए यह उपलब्धि हासिल की।
भारत ने दर्ज की सबसे तेज जीतों में एक
जिम्बाब्वे के 126 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने मुकाबला 13.2 ओवर में ही जीत लिया। टीम ने 40 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल किया, जो गेंदों के हिसाब से भारत की टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में चौथी सबसे बड़ी सफल रन चेज में शामिल हो गई। इससे पहले भारत ने इसी साल न्यूजीलैंड के खिलाफ इससे भी तेज लक्ष्य हासिल किया था।
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युवा खिलाड़ियों ने बढ़ाई भविष्य की उम्मीदें
हरारे का यह मुकाबला सिर्फ एक जीत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भारतीय टीम के भविष्य की मजबूत तस्वीर भी पेश कर गया। वैभव सूर्यवंशी ने बल्ले से और मयंक यादव ने गेंद से ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने टीम इंडिया को दो नए भरोसेमंद सितारे दिए हैं। इन रिकॉर्डों ने एक बार फिर दिखा दिया कि भारतीय क्रिकेट की नई पीढ़ी बड़े मंच पर इतिहास रचने का दम रखती है।