भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु का ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर 500 टूर्नामेंट जीतने का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया। सिडनी में खेले गए महिला एकल सेमीफाइनल मुकाबले में उन्हें जापान की शीर्ष वरीय अकाने यामागुची के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही सिंधु का 17 महीने से जारी खिताब का इंतजार और लंबा हो गया है। भारतीय फैंस को उम्मीद थी कि शानदार फॉर्म में चल रही सिंधु इस बार ट्रॉफी जीत सकती हैं, लेकिन सेमीफाइनल की चुनौती पार नहीं कर सकीं।
पहले गेम में दिखाई दमदार लड़ाई
मुकाबले की शुरुआत बेहद रोमांचक रही। सिंधु ने पहले गेम में यामागुची को कड़ी टक्कर दी और हर अंक के लिए संघर्ष किया। दोनों खिलाड़ियों के बीच लंबी रैलियां देखने को मिलीं। कई बार ऐसा लगा कि सिंधु पहला गेम अपने नाम कर लेंगी, लेकिन महत्वपूर्ण मौकों पर वह गेम प्वाइंट को जीत में नहीं बदल सकीं। आखिरकार जापानी खिलाड़ी ने संयम बनाए रखा और पहला गेम 22-20 से जीत लिया। यही मुकाबले का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।
दूसरे गेम में बढ़ गया दबाव
पहले गेम की निराशा का असर दूसरे गेम में साफ दिखाई दिया। यामागुची ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और लगातार अंक जुटाने लगीं। एक समय उन्होंने लगातार आठ अंक लेकर बड़ी बढ़त बना ली। सिंधु वापसी की कोशिश करती रहीं, लेकिन जापानी खिलाड़ी ने कोई मौका नहीं दिया। दूसरा गेम 21-12 से जीतकर यामागुची ने फाइनल में जगह बना ली और सिंधु का अभियान यहीं समाप्त हो गया।
यामागुची के खिलाफ मुश्किल दौर जारी
अकाने यामागुची के खिलाफ सिंधु का रिकॉर्ड अब भी बेहतर है, लेकिन हाल के मुकाबलों में जापानी खिलाड़ी का पलड़ा भारी रहा है। पिछले छह मुकाबलों में से पांच बार सिंधु को हार मिली है। यह आंकड़ा दिखाता है कि हाल के वर्षों में यामागुची ने उनके खिलाफ मजबूत बढ़त बना ली है। ऑस्ट्रेलियन ओपन का यह मुकाबला भी उसी कहानी का एक और अध्याय बन गया, जहां सिंधु ने संघर्ष तो किया लेकिन जीत हासिल नहीं कर सकीं।
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खिताब का इंतजार फिर बढ़ा
पीवी सिंधु ने आखिरी बार दिसंबर 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल का खिताब जीता था। तब से वह कई टूर्नामेंटों में अच्छी शुरुआत करने के बावजूद ट्रॉफी तक नहीं पहुंच पाई हैं। इस सीजन में यह उनका दूसरा सेमीफाइनल था। इससे पहले मलेशिया ओपन में भी वह अंतिम चार तक पहुंची थीं। हालांकि सकारात्मक बात यह है कि सिंधु लगातार बड़े टूर्नामेंटों में गहराई तक पहुंच रही हैं। ऑस्ट्रेलियन ओपन में भी उन्होंने क्वार्टर फाइनल में शानदार जीत दर्ज की थी। अब भारतीय फैंस को उम्मीद होगी कि आने वाले टूर्नामेंटों में सिंधु इस लंबे इंतजार को खत्म कर एक बार फिर खिताब अपने नाम करेंगी।