Auto-Taxi Drivers Given One Year: महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान अनिवार्य किए जाने के खिलाफ दायर PIL पर शनिवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सरकार के परिवहन विभाग ने अदालत को बताया कि चालकों को मराठी सीखने के लिए एक साल की अतिरिक्त मोहलत दी गई है। सरकार के इस बयान के बाद कोर्ट ने याचिका का निपटारा कर दिया।
याचिकाकर्ता ने सरकार के बयान पर उठाए सवाल
याचिका मोहम्मद कासिम अहमद की ओर से अधिवक्ता विवेक शुक्ला ने दायर की थी। सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि केवल मीडिया में दिए गए सरकार के बयान के आधार पर मामले का निपटारा नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सरकार का पक्ष आधिकारिक तौर पर अदालत के रिकॉर्ड में दर्ज होना चाहिए।
मराठी एकीकरण समिति ने भी जताई आपत्ति
सुनवाई के दौरान मराठी एकीकरण समिति ने महाराष्ट्र में भाषिक अधिकारों को लेकर अपना पक्ष रखा। समिति ने चालकों को मराठी सीखने के लिए एक साल की अतिरिक्त मोहलत दिए जाने पर आपत्ति जताई और कहा कि इस अनिवार्यता को लागू करने में और देरी नहीं होनी चाहिए।
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मोहलत के खिलाफ फिर कोर्ट जाएगी समिति
मराठी एकीकरण समिति अब सरकार की ओर से दी गई एक साल की मोहलत को चुनौती देने की तैयारी कर रही है। समिति अगले हफ्ते अदालत में अपनी दलीलें पेश करेगी। ऐसे में PIL का फिलहाल निपटारा हो गया है, लेकिन ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता को लेकर कानूनी लड़ाई आगे भी जारी रह सकती है।