शादी का सीजन शुरू है और हर जगह कार्ड छपवाने की तैयारियां चल रही हैं। इसी बीच वृंदावन-मथुरा के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज की एक सलाह ने पूरे देश का ध्यान खींच लिया है। महाराज ने कहा कि शादी के कार्ड पर भगवान की फोटो छपवाना बिल्कुल ठीक नहीं है, क्योंकि यह अनजाने में पवित्र छवियों का अनादर बन जाता है। लाखों भक्तों वाले प्रेमानंद महाराज की इस चेतावनी ने लोगों को सोचने पर मजबूर किया है। उनका कहना है कि जो कार्ड कुछ दिनों या घंटों में रद्दी बन जाता है, उस पर भगवान की छवि छापना परंपरा नहीं, बल्कि एक गंभीर गलती है।
महाराज के अनुसार ये धारणा गलत
भारतीय परिवार सालों से शिव-पार्वती, राधा-कृष्ण और सिया-राम की तस्वीरें शादी कार्ड पर छपवाते आए हैं। इसे शुभ माना जाता रहा है, लेकिन महाराज के अनुसार यह धारणा गलत दिशा में जा चुकी है। उन्होंने कहा कि शादी के बाद कार्ड बेकार हो जाता है और घर के किसी कोने में पड़ा रहता है। फिर एक दिन वही कार्ड कूड़े में फेंक दिया जाता है, कभी पैरों तले आ जाता है या डस्टबिन में पड़ा सड़ जाता है। लेकिन यह सब उस तस्वीर के साथ होता है जो भगवान की मानी जाती है। यही वजह है कि महाराज ने इसे दिव्य छवियों का अपमान बताया और लोगों से इसे तुरंत बंद करने की अपील की।
सिर्फ जरूरत की जानकारी होनी चाहिए
महाराज ने स्पष्ट कहा कि शादी कार्ड पर सिर्फ जरूरत की जानकारी होनी चाहिए दूल्हा-दुल्हन का नाम, विवाह की तारीख, समय और स्थान। इसके अलावा किसी भी तरह की धार्मिक छवि जोड़ना उचित नहीं। उनका तर्क यह है कि कार्ड का उपयोग सिर्फ एक बार होता है, लेकिन भगवान की तस्वीर स्थायी सम्मान की पात्र होती है। उन्होंने कहा, “जब कार्ड रद्दी में जाता है या किसी पैर के नीचे आता है, दोष भी वही व्यक्ति उठाता है जिसने छवि छपवाई।” यही कारण है कि महाराज के इस बयान ने सोशल मीडिया पर तेज़ी से चर्चा पकड़ ली और लोग इसे गंभीरता से अपना रहे हैं।
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'भगवान को कार्ड में नहीं, दिल में रखें'
महाराज ने अपने संदेश में लोगों को एक महत्वपूर्ण सीख देते हुए कहा भगवान को कार्ड में नहीं, दिल में रखें। ऐसी वस्तु पर पवित्र तस्वीरें नहीं छापनी चाहिए जो कुछ ही दिनों में व्यर्थ हो जाए। उन्होंने चेताया कि यह गलती घर की सकारात्मक ऊर्जा, शांति और सौभाग्य पर असर डाल सकती है। यदि आपके घर में शादी होने वाली है या आप कार्ड छपवाने जा रहे हैं, तो इस सलाह को ध्यान रखें। प्रेमानंद महाराज ने लोगों से परंपरा को सही दिशा में आगे बढ़ाने, भगवान का सम्मान बनाए रखने और कार्ड को सिर्फ जानकारी का माध्यम बनाने की अपील की है।