Captain Smit: भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार पर विमान के कॉकपिट में हुए हमले के बाद उनकी गंभीर चोटों की तस्वीरें सामने आई हैं। उनके ओमानी सह-पायलट पर आरोप है कि उसने आपातकालीन कुल्हाड़ी से उनके सिर पर कई वार किए, जिससे उनकी खोपड़ी में फ्रैक्चर हो गया। इलाज के दौरान डॉक्टरों के सामने भी गंभीर चुनौतियां थीं। न्यूरोसर्जनों के मुताबिक, चोट के पास दिमाग से जुड़ी एक प्रमुख रक्त वाहिका को नुकसान पहुंचने की आशंका के कारण ऑपरेशन बेहद जोखिम भरा हो सकता था।
सम्मान समारोह में सामने आईं चोटों की तस्वीरें
27 अक्टूबर को अबू धाबी में आयोजित एक समारोह में संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कैप्टन स्मित मछार और उनके चालक दल को फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद द्वितीय से सम्मानित किया। इसी दौरान उनके सिर पर सर्जरी के निशान और टांके दिखाई दिए। तस्वीरों के सामने आने के बाद विशेषज्ञों ने उनकी चोट की गंभीरता और उपचार से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की।
डॉक्टरों ने बताया कितना गंभीर था खतरा
अमेरिका के न्यूरोसर्जन डॉ. सनत दीक्षित के अनुसार, सिर की हड्डी टूटने के अलावा उसके नीचे मौजूद प्रमुख रक्त वाहिका को नुकसान पहुंचने का खतरा भी गंभीर था। ऐसी रक्त वाहिका घायल होने पर अत्यधिक रक्तस्राव हो सकता है। उन्होंने बताया कि इस तरह की गंभीर चोटों में मृत्यु या स्थायी दिव्यांगता का जोखिम काफी अधिक हो सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य जोखिम का यह अनुमान कैप्टन स्मित के व्यक्तिगत मामले का निश्चित आंकड़ा नहीं है।
यह भी देखेंःUP में प्रदर्शन किया तो नौकरी पर संकट? योगी सरकार के नियम से भड़की सपा-कांग्रेस, Gen-Z को लेकर छिड़ा घमासान
ऑपरेशन में डॉक्टरों के सामने थी चुनौती
डॉ. दीक्षित के मुताबिक, टूटी हुई हड्डी का टुकड़ा हटाना जोखिम भरा हो सकता था, क्योंकि वह घायल रक्त वाहिका पर दबाव डाल रहा हो सकता है। उसे हटाने के बाद अचानक रक्तस्राव शुरू होने की आशंका रहती है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया के न्यूरोसर्जन डॉ. सोनू भास्कर ने तस्वीरों के आधार पर अनुमान जताया कि स्मित के उपचार में एक से अधिक बड़ी सर्जरी की गई हो सकती हैं। उनके अनुसार, दिमाग की सूजन का दबाव कम करने के लिए खोपड़ी का एक हिस्सा हटाने और बाद में उसे दोबारा लगाने की प्रक्रिया अपनाई गई हो सकती है। यह तस्वीरों पर आधारित विशेषज्ञ का आकलन था।
30 सितंबर को उड़ान में हुआ था हमला
यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने कथित तौर पर प्रार्थना करने के बहाने उठने के बाद स्मित पर हमला किया। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी नजर धुंधली हो गई और वह बेहोश हो गए। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने कथित हमलावर को काबू किया। विमान को सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया, जहां एक यात्री डॉक्टर ने घायल पायलट की मदद की। उनकी आपातकालीन सर्जरी के बाद आगे का इलाज संयुक्त अरब अमीरात में हुआ। उनकी सेहत में सुधार बताया गया है, लेकिन दोबारा विमान उड़ाने को लेकर अंतिम फैसला चिकित्सकीय जांच के बाद ही लिया जाएगा।