Ram Mandir: अयोध्या स्थित राम मंदिर में सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी को लेकर नई व्यवस्था लागू की गई है। मंदिर परिसर में काम करने वाले कर्मचारियों की आवाजाही पर अब पहले से ज्यादा नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही रामलला के दर्शन के लिए प्रतिदिन जारी होने वाले वीआईपी पास की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले जहां रोजाना 1,800 पास जारी किए जाते थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़ाकर 3,500 कर दी गई है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर की व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए कई स्तरों पर बदलाव किए हैं। ट्रस्ट के सीईओ और सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र की देखरेख में कर्मचारियों के प्रवेश से लेकर परिसर में मोबाइल फोन के इस्तेमाल तक पर निगरानी बढ़ाई गई है। इन कदमों का उद्देश्य मंदिर परिसर में अनुशासन बनाए रखना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना बताया जा रहा है।
कर्मचारियों के प्रवेश के लिए दर्ज करनी होंगी जरूरी जानकारियां
राम मंदिर परिसर में आने वाले कर्मचारियों के लिए प्रवेश संबंधी प्रक्रिया को अधिक सख्त बनाया गया है। अब केवल पहचान पत्र दिखाकर यात्री सुविधा केंद्र यानी पीएफसी में प्रवेश करना पर्याप्त नहीं होगा। कर्मचारियों को निर्धारित रजिस्टर में अपनी जानकारी भी दर्ज करनी होगी। इसमें कर्मचारी का नाम, मोबाइल नंबर, परिसर में आने का कारण, प्रवेश का समय और उसकी जिम्मेदारी से जुड़ी जानकारी शामिल है। इसी तरह सीईओ के कार्यालय में जाने वाले कर्मचारियों को भी रजिस्टर में विवरण दर्ज करना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा, चढ़ावे की राशि की गिनती वाले कक्ष में बिना अनुमति किसी कर्मचारी के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। इस व्यवस्था के जरिए संवेदनशील स्थानों पर कर्मचारियों की गतिविधियों का रिकॉर्ड रखने पर जोर दिया जा रहा है।
मोबाइल फोन और सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर
मंदिर परिसर में मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर भी सख्ती बढ़ाई गई है। नई व्यवस्था के मुताबिक, सामान्य कर्मचारियों को मोबाइल लेकर परिसर में जाने की अनुमति नहीं है, जबकि संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को निर्धारित छूट दी गई है। जानकारी के अनुसार, परिसर में मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा करने के मामलों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के दो कर्मचारियों को रील बनाने और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के मामले में बुलाकर निर्देश दिए गए थे। गर्भगृह से जुड़े दृश्यों की रिकॉर्डिंग और उन्हें ऑनलाइन साझा करने पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। बताया जा रहा है कि चढ़ावे की गिनती से संबंधित चोरी का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत करने के लिए इन कदमों पर ज्यादा जोर दिया गया है।
रामलला के VIP दर्शन पास अब रोजाना 3500
राम मंदिर में प्रशासनिक नियमों के साथ वीआईपी दर्शन की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। रामलला के दर्शन के लिए प्रतिदिन जारी होने वाले विशेष पास की संख्या अब 1,800 से बढ़ाकर 3,500 कर दी गई है। यह नई व्यवस्था शनिवार से लागू होने की जानकारी दी गई है। ट्रस्ट के व्यवस्था प्रमुख इंद्रदेव तिवारी ने पास की संख्या बढ़ाए जाने की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और विशिष्ट व्यक्तियों की संख्या को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। रामलला के दर्शन के लिए राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के अलावा फिल्मी हस्तियां और अन्य चर्चित व्यक्ति भी अयोध्या पहुंचते रहते हैं। ऐसे में वीआईपी पास की संख्या बढ़ाने का उद्देश्य विशेष दर्शन की व्यवस्था को जरूरत के अनुसार संचालित करना है।
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VIP पास जारी करने की प्रक्रिया में बदलाव नहीं
पास की संख्या बढ़ाने के बावजूद उन्हें जारी करने की मौजूदा प्रक्रिया को पहले की तरह ही रखा गया है। यानी बदलाव मुख्य रूप से प्रतिदिन उपलब्ध कराए जाने वाले पास की संख्या में किया गया है, न कि आवेदन या पास जारी करने के तरीके में। कुल मिलाकर, राम मंदिर में कर्मचारियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर प्रवेश नियंत्रित करने और वीआईपी दर्शन के लिए अधिक पास उपलब्ध कराने जैसे कदम उठाए गए हैं। इन बदलावों के जरिए मंदिर परिसर की प्रशासनिक व्यवस्था और दर्शन प्रबंधन को बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।