UP का अयोध्या आज के समय में तेज़ी के साथ विश्व मानचित्र पर आध्यात्मिकता का प्रमुख केंद्र बनकर उभरता हुआ दिखाई दे रहा है. साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले और उसके बाद शुरू हुए निर्माण कार्य और इसके बाद साल 2024 में राम मंदिर के भव्य उद्घाटन ने यहां के रियल एस्टेट बाज़ार को नई दिशा और तेज़ रफ्तार दोनों देने का काम किया है.
5 सालों में जमीन की कीमतों पर 500 फीसदी की वृद्धि
अयोध्या में प्रॉपर्टी बाज़ार जिस तेजी से आगे बढ़ रहा है, उसका अंदाजा महज इस बात से ही लगाया जा सकता है कि पिछले 5 सालों में ही कई माइक्रो-मार्केट्स में जमीन की कीमतों में 300 से 500 फीसदी तक की ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यानी अयोध्या अब आध्यात्मिकता, आधुनिक बुनियादी ढांचे और मजबूत आर्थिक विस्तार इन तीनों के संगम पर खड़ा है.
अयोध्या आज देश का सबसे अधिक संभावनाशील बाज़ार
बाज़ार विशेषज्ञों के मुताबिक अयोध्या के इस तेज़ विकास के पीछे कई अहम कारण हैं. इन्वेस्टोएक्सपर्ट एडवाइजर्स के फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर विशाल रहेजा की मानें तो एंड-बायर्स और लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए अयोध्या आज देश का सबसे अधिक संभावनाशील बाज़ार बन चुका है. खरीदार सुरक्षा, मूल्य वृद्धि और दीर्घकालिक लाभ की दृष्टि से यह एक अनोखा मौका प्रस्तुत कर रहा है, जिससे वर्तमान समय निवेश के लिए बेहद रणनीतिक बन जाता है.
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विशाल रहेजा के मुताबिक इंटरनेशनल एयरपोर्ट, उन्नत रेलवे स्टेशन, चार-लेन सड़कों, रिवरफ्रंट विकास और हॉस्पिटैलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर पर तकरीबन 6 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया जा रहा है. इन प्रयासों से अयोध्या जल्दी ही पूरे साल सक्रिय रहने वाला वैश्विक आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बन रहा है. यह आधार आने वाले सालों में प्रॉपर्टी मूल्यों को कई गुना बढ़ाने की क्षमता रखता है.
विकास ने बड़े निवेशकों का भरोसा किया मजबूत
भूमिका ग्रुप के सीएमडी उद्धव पोद्दार का कहना है कि अयोध्या में पर्यटन का विस्तार अब केवल मंदिर दर्शन तक सीमित नहीं रहा है. इसके चलते शहर के पूरे रियल एस्टेट ढांचे में बदलाव हो रहा है. मंदिर खुलने के बाद भारी भीड़ ने बिज़नेस, आवास, होटल और यात्रा सुविधाओं की मांग को तेज़ी से बढ़ा दिया है. इससे साफ है कि अब यहां पर सिर्फ यात्रियों के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय के आवास, खरीदारी और बेहतर अनुभव वाली जगहों की भी मांग बढ़ रही है. इसी कारण डेवलपर्स होटल के साथ-साथ सर्विस्ड अपार्टमेंट्स, टाउनशिप, रिटेल और सांस्कृतिक थीम वाले नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं. बड़े पैमाने पर यहां पर हुए विकास ने बड़े निवेशकों का भरोसा भी मजबूत किया है.
खरीदार भविष्य-केंद्रित निवेश कर रहे- मोहित मित्तल
MORES के सीईओ मोहित मित्तल के मुताबिक साल 2019 के बाद रियल एस्टेट में आई कीमतों की बढ़ोतरी केवल भावना आधारित नहीं है, बल्कि ठोस विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारों का परिणाम भी है. मंदिर क्षेत्र में जमीन की कीमत 5–10 गुना और बाहरी इलाकों में 4–8 गुना तक बढ़ गई है, जिससे साफ़ है कि खरीदार भविष्य-केंद्रित निवेश कर रहे हैं.
सर्किल रेट्स में 30% से 200% तक का इजाफा
विशाल रहेजा के मुताबिक अयोध्या में सर्किल रेट्स में 30% से 200% तक का इजाफा हुआ है. जो अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है. मंदिर परिसर के आसपास 6,600–7,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर की भूमि अब 26,600–27,900 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच चुकी है. तिहुरा मांझा जैसे इलाकों में कृषि भूमि 11–23 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर से बढ़कर 33–69 लाख रुपये हो गई है, यानी 200% का उछाल आया है. प्रमुख प्लॉट, खासकर मंदिर के सामने वाले अब 10,000–20,000 रुपये प्रति वर्ग फुट में बिक रहे हैं, जो कि साल 2019 से पहले की तुलना में 10–20 गुना अधिक है. रेज़िडेंशियल रेट Q2 2024 में 8,491 रुपये प्रति वर्ग फुट के उच्च स्तर पर पहुंचे, जो तिमाही-दर-तिमाही 29% की वृद्धि थी. इसके बाद ये 8,212 रुपये प्रति वर्ग फुट पर स्थिर हुए, जो स्वस्थ बाज़ार समेकन का संकेत है.
मुख्य विकास क्षेत्रों में देवकली, गायत्री पुरम, वज़ीरगंज, आवास विकास कॉलोनी और गोरखपुर–फ़ैज़ाबाद हाईवे शामिल हैं, जहां आवासीय, वाणिज्यिक और हॉस्पिटैलिटी सेगमेंट में लगातार मज़बूत मांग बनी हुई है. राम मंदिर परिसर के 2025 तक पूर्ण रूप से तैयार होने और वार्षिक पर्यटक संख्या 5 करोड़ से अधिक होने के अनुमान के साथ अयोध्या का अगला विकास चक्र अभी तो केवल शुरू ही हुआ है.