अमेरिका के व्हाइट हाउस के पास से एक बड़ी खबर सामने आई है. बताया जा रहा है कि व्हाइट हाउस के पास 2 नेशनल गार्ड को गोली मार दी गई. वहीं गोली लगने से दोनों गार्डों की हालत गंभीर बनी हुई है. दूसरी ओर इस हमले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है. इस हमले की राष्ट्रपति ट्रप ने कड़ी निंदा करते हुए इसे जघन्य हमला और आतंकवादी कृत्य करार दे दिया है. इसके साथ ही ट्रंप ने पेंटागन को अमेरिकी राजधानी में 500 अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती करने के निर्देश जारी कर दिए हैं.
दरअसल वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड के इन सैनिकों पर बुधवार दोपहर को व्हाइट हाउस से महज कुछ ही ब्लॉक की दूरी पर घात लगाकर हमला किया गया था. वहीं इस हमले के बाद परिसर को तुरंत बंद कर दिया गया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने इलाके में जांच पड़ताल शुरू कर दी है. इस हमले के वक्त ट्रंप फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो क्लब में मौजूद थे.
'पूरे राष्ट्र और मानवता के विरुद्ध अपराध है'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक वीडियो संबोधन में कहा है कि थैंक्सगिविंग अवकाश की पूर्व संध्या पर वाशिंगटन डीसी में सेवारत नेशनल गार्ड के दो सदस्यों को व्हाइट हाउस से कुछ ही कदम की दूरी पर भयानक घात लगाकर किए गए हमले में गोली मार दी गई है. उन्होंने कहा कि यह हमारे पूरे राष्ट्र के विरुद्ध अपराध है और ये मानवता के खिलाफ किया गया अपराध है.
ये भी पढ़ें : UIDAI का बड़ा कदम: देशभर में 2 करोड़ Aadhaar नंबर बंद, जानें आपका आधार एक्टिव है या नहीं
ट्रप के ऐलान से बढ़ीं अफगान नागरिकों की मुश्किलें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के राज में अफगानिस्तान से अमेरिका में घुसे हर एक एलियन की फिर से जांच होगी. नेशनल गार्ड मेंबर्स पर गोलीबारी पर ट्रंप ने अपने संबोधन में आगे कहा कि DHS को यकीन है कि संदिग्ध 2021 में अफ़गानिस्तान से अमेरिका में घुसा था. ट्रंप के इस ऐलान से अब अमेरिका में रह रहे अफगान नागरिकों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी, क्योंकि उन्हें अब सख्त जांच से गुजरना पड़ेगा.
एक संदिग्ध अफगान नागरिक हिरासत में
मिली जानकारी के अनुसार नेशनल गार्ड मेंबर्स पर हमले के मामले में 29 साल के रहमानुल्लाह लकनवाल नाम के एक संदिग्ध को गोलीबारी में घायल होने के बाद हिरासत में ले लिया गया है. ये अफ़ग़ान नागरिक लकनवाल कथित तौर पर 2021 में अमेरिका आया था. न्याय विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि गोलीबारी की जांच आतंकवादी कृत्य मानकर की जा रही है.