
Ayushman Card: आयुष्मान भारत योजना गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सरकारी और निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में मिलता है। लेकिन कई बार मरीजों को यह परेशानी होती है कि इलाज के दौरान कार्ड की लिमिट खत्म हो जाती है। ऐसे में मुफ्त इलाज रुक जाता है और लोगों को खर्च खुद उठाना पड़ता है।
कब रीसेट होती है लिमिट
आयुष्मान कार्ड की लिमिट हर वित्तीय वर्ष (Financial Year) के आधार पर तय की जाती है। यानी 1 अप्रैल से शुरू होकर अगले साल 31 मार्च तक यह लिमिट मान्य रहती है। साल पूरा होने के बाद नए वित्तीय वर्ष में यह लिमिट दोबारा रीसेट हो जाती है और कार्डधारक फिर से 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करा सकते हैं। अगर आपकी लिमिट बीच साल में ही खत्म हो जाती है, तो आपको रिन्यूअल तक इंतजार करना पड़ सकता है।
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ऐसे मिलेगी मदद लिमिट खत्म होने पर
अगर लिमिट खत्म हो गई है और इलाज बीच में चल रहा है, तो मरीज स्वास्थ्य विभाग से स्पेशल परमिशन के जरिए इलाज जारी रख सकते हैं। गंभीर मामलों में विभाग अतिरिक्त सहायता भी दे सकता है, लेकिन यह विभागीय मंजूरी पर निर्भर करता है। इसके लिए आपको अपने नजदीकी इम्पैनल्ड अस्पताल के आयुष्मान हेल्पडेस्क या एडमिन विभाग से संपर्क करना होगा। वहां से आप जान सकते हैं कि क्या प्रक्रिया अपनानी है और किन दस्तावेजों की जरूरत होगी। ध्यान दें, लिमिट और रिन्यूअल प्रक्रिया राज्य दर राज्य अलग हो सकती है, इसलिए सही जानकारी के लिए अपने जिले के स्वास्थ्य विभाग से सलाह लेना जरूरी है।