आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अब आयुष्मान कार्ड बनवाना पहले से ज्यादा आसान कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर लोगों को जिम्मेदारी दी है। अब राशन डीलर, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका, पीएचसी सखी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और ग्रामीण क्षेत्रों के फार्मासिस्ट भी कार्ड बनाने में मदद करेंगे। इसके लिए 1156 ऑपरेटर आईडी जारी की गई हैं और सभी को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे लोगों को बार-बार अस्पताल या ब्लॉक कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज
इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलता है। यह सुविधा सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस तरीके से दी जाती है। परिवार के हर सदस्य का अलग आयुष्मान कार्ड बनाया जाता है। कार्ड दिखाते ही अस्पताल में इलाज शुरू हो सकता है और खर्च सीधे योजना के तहत कवर होता है। गंभीर बीमारियों के इलाज में यह योजना बड़ी राहत देती है।
शत प्रतिशत कवरेज के लिए अभियान
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि हर पात्र परिवार तक योजना का लाभ पहुंचे। इसके लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभी भी कई ऐसे लोग हैं जिनका कार्ड नहीं बना है और वे स्वास्थ्य केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं। अब वे अपने नजदीकी कोटेदार या स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पास जाकर आसानी से कार्ड बनवा सकते हैं। अंत्योदय कार्डधारक, गरीबी रेखा से नीचे के राशन कार्डधारक और 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग भी पात्रता जांच कर आवेदन कर सकते हैं।
ये भी पढ़ें : Epstein Files पर संसद में संग्राम, Rahul के आरोपों पर Hardeep Puri का पलटवार
मोबाइल से घर बैठे आवेदन
आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है। लोग मोबाइल से भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आयुष्मान ऐप डाउनलोड करना होगा। भाषा चुनने के बाद लाभार्थी विकल्प पर जाकर मोबाइल नंबर से लॉगिन करें। फिर योजना, राज्य और जिला चुनें। आधार नंबर डालते ही परिवार की सूची सामने आ जाएगी। जिनका कार्ड नहीं बना है, वे ओटीपी सत्यापन और फोटो अपलोड कर ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं। सत्यापन के बाद कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है।
किन दस्तावेजों की जरूरत?
आवेदन के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो जरूरी है। यदि ई-श्रम कार्ड या अन्य सरकारी पहचान पत्र है तो पात्रता साबित करना और आसान हो जाता है। सभी दस्तावेज सही होने पर प्रक्रिया तेजी से पूरी हो जाती है।
लोगों को मिल रही बड़ी राहत
स्थानीय स्तर पर कार्ड बनाने की सुविधा शुरू होने से ग्रामीण और दूरदराज के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें लंबी लाइन या दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि हर जरूरतमंद परिवार को स्वास्थ्य सुरक्षा मिले। अगर आपका कार्ड अभी तक नहीं बना है तो अपने गांव के कोटेदार या आशा कार्यकर्ता से संपर्क करें और योजना का लाभ उठाएं।