देश की बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनी बजाज ऑटो अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल कारोबार के अगले विस्तार को लेकर नई जगह तलाश रही है। महाराष्ट्र में सब्सिडी और इंसेंटिव से जुड़े लंबित मामलों के कारण कंपनी की नाराजगी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक कंपनी को राज्य की EV नीति के तहत मिलने वाली रकम का बड़ा हिस्सा अब तक नहीं मिला है। ऐसे में बजाज ऑटो का अगला EV निवेश महाराष्ट्र से बाहर जा सकता है और तमिलनाडु इस रेस में अहम दावेदार बनकर उभरा है।
तमिलनाडु के लिए खुल सकता है बड़ा दरवाजा
अगर बजाज ऑटो अपना नया EV मैन्युफैक्चरिंग प्लांट तमिलनाडु में लगाती है तो राज्य के लिए यह बड़ा औद्योगिक मौका होगा। ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़े हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा हो सकते हैं। प्लांट के साथ पार्ट्स सप्लायर कंपनियां ट्रांसपोर्ट यूनिट्स बैटरी कंपनियां और छोटे कारोबारी भी जुड़ते हैं। तमिलनाडु पहले से ऑटो हब माना जाता है और बंदरगाहों की बेहतर कनेक्टिविटी इस निवेश को और आकर्षक बना सकती है।
थलपति विजय सरकार वाला दावा सही नहीं
खबर में थलपति विजय सरकार का जिक्र किया गया है लेकिन इसे सावधानी से देखना जरूरी है। अभिनेता Vijay तमिलनाडु के मुख्यमंत्री या सरकार के प्रमुख नहीं हैं। इसलिए बजाज के संभावित निवेश को थलपति विजय सरकार की उपलब्धि कहना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा। निवेश पर अंतिम फैसला कंपनी और तमिलनाडु सरकार के बीच बातचीत के बाद ही होगा। फिलहाल इसे संभावित निवेश के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
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महाराष्ट्र में अटका है इंसेंटिव का मामला
बजाज ऑटो ने महाराष्ट्र के चाकन आकुर्डी और वालुज प्लांट में प्रीमियम मोटरसाइकिल इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर उत्पादन पर बड़ा निवेश किया है। कंपनी का कहना है कि EV सब्सिडी से जुड़े भुगतान लंबे समय से अटके हुए हैं। कंपनी के एमडी राजीव बजाज ने भी महाराष्ट्र की EV नीति को लेकर चिंता जताई थी और कहा था कि देरी से उद्योग का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
तेलंगाना भी मैदान में उतरा
तमिलनाडु के अलावा तेलंगाना भी बजाज ऑटो के संभावित नए प्लांट की दौड़ में बताया जा रहा है। कंपनियां वहां निवेश करती हैं जहां जमीन बिजली सप्लाई लॉजिस्टिक्स टैक्स नीति और सरकारी मंजूरी का रास्ता आसान हो। तमिलनाडु को ऑटोमोबाइल निर्माण का पुराना अनुभव है जबकि तेलंगाना भी उद्योगों को आकर्षित करने के लिए तेजी से प्रयास कर रहा है। ऐसे में दोनों राज्यों के बीच निवेश की यह दौड़ दिलचस्प हो सकती है।
फैसला हुआ तो बदल सकती है तस्वीर
बजाज ऑटो का दक्षिण भारत में नया प्लांट लगना EV सेक्टर के लिए बड़ा संकेत होगा। इससे स्थानीय युवाओं को तकनीकी नौकरियां मिल सकती हैं और छोटे उद्योगों को भी काम मिल सकता है। लेकिन अभी कंपनी की तरफ से तमिलनाडु में प्लांट लगाने का अंतिम आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। इसलिए रोजगार और निवेश के बड़े दावों को पक्की खबर मानने से पहले कंपनी और सरकार की औपचारिक घोषणा का इंतजार जरूरी है।