बांग्लादेश क्रिकेट में चल रहा विवाद अब बड़े संकट का रूप ले चुका है। क्रिकेटरों की बायकॉट की धमकी के बाद आखिरकार बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड सामने आया है। बोर्ड ने अपने डायरेक्टर एम. नजमुल इस्लाम के विवादित “इंडिया एजेंट” वाले बयान पर खेद जताते हुए खिलाड़ियों से माफी मांगी है। इसके साथ ही नजमुल इस्लाम को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। हालांकि, बोर्ड की यह पहल फिलहाल खिलाड़ियों को शांत करती नजर नहीं आ रही।
क्रिकेटरों का साफ संदेश, इस्तीफे तक नहीं खेलेंगे
बांग्लादेश क्रिकेटर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने दो टूक कह दिया है कि जब तक नजमुल इस्लाम सभी पदों से इस्तीफा नहीं देते, तब तक बायकॉट जारी रहेगा। इसी का असर यह रहा कि ढाका क्रिकेट लीग के लिए तय चारों मैच गुरुवार सुबह शुरू ही नहीं हो पाए। इतना ही नहीं, शाम को होने वाले बांग्लादेश प्रीमियर लीग के मुकाबलों पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
भारत से जुड़ा विवाद बना पृष्ठभूमि
यह पूरा मामला भारत से जुड़े विवाद से भी गहराई से जुड़ा है। मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल से बाहर किए जाने के बाद बांग्लादेश ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के मैच भारत से शिफ्ट करने की मांग रखी थी। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने इस मांग को नहीं माना। इसी मुद्दे पर कई बांग्लादेशी क्रिकेटरों ने खुलकर बयान दिए, जिसके बाद नजमुल इस्लाम की टिप्पणी ने आग में घी डालने का काम किया।
बोर्ड ने माना बयान गलत था
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने अपने आधिकारिक बयान में स्वीकार किया कि नजमुल इस्लाम का कमेंट अनुचित और आक्रामक था। बोर्ड ने कहा कि ऐसे बयान उसकी सोच, मूल्यों और आदर्शों के खिलाफ हैं। साथ ही यह भी साफ किया गया कि किसी भी बोर्ड सदस्य का व्यक्तिगत बयान, अगर आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया गया हो, तो उसे बोर्ड की नीति नहीं माना जा सकता।
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कारण बताओ नोटिस और 48 घंटे की मोहलत
बोर्ड ने नजमुल इस्लाम को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 48 घंटे के भीतर जवाब देने को कहा है। बीसीबी का कहना है कि वह स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहा है और क्रिकेट को पटरी पर लाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। लेकिन खिलाड़ियों की संस्था का रुख अब भी सख्त बना हुआ है।
बोर्ड में खलबली, बातचीत जारी
क्रिकेटरों की हड़ताल से बीसीबी में खलबली मची हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, बोर्ड के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने सीडब्ल्यूएबी अध्यक्ष मोहम्मद मिथुन से संपर्क कर भरोसा दिलाया है कि नजमुल इस्लाम फाइनेंस कमेटी चेयरमैन का पद छोड़ने को तैयार हैं। लेकिन क्रिकेटरों का साफ कहना है कि सभी पदों से इस्तीफा होने तक कोई मैच नहीं खेला जाएगा। ऐसे में बांग्लादेश क्रिकेट के सामने यह सबसे बड़ी परीक्षा बन गई है।