टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने चुप बैठने के बजाय नया रास्ता चुना है। बीसीबी अब वर्ल्ड कप की उसी विंडो में अपना घरेलू टी20 टूर्नामेंट शुरू करने जा रहा है। इसका नाम रखा गया है ओडोम्मो बांग्लादेश टी20 कप 2026। यह टूर्नामेंट 5 फरवरी से 9 फरवरी तक खेला जाएगा। मकसद साफ है, देश के टॉप व्हाइट बॉल खिलाड़ियों को एक मंच पर लाना और उन्हें बड़े मुकाबलों के लिए तैयार रखना।
तीन टीमें, तीन कप्तान, एक मकसद
इस नए टी20 टूर्नामेंट में कुल तीन टीमें होंगी। धूमकेतु XI की कप्तानी लिटन कुमार दास करेंगे। दरबार XI की कमान नजमुल हुसैन शांतो को सौंपी गई है, जबकि दुरंतो XI की कप्तानी अकबर अली करेंगे। ये सभी खिलाड़ी बांग्लादेश के जाने माने नाम हैं। दिलचस्प बात यह है कि ज्यादातर खिलाड़ी टी20 वर्ल्ड कप में भारत न जाने के सरकारी फैसले से खुश नहीं थे, लेकिन अब उन्हें घरेलू टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिलेगा।
खिलाड़ियों को मिलेगा मोटा फायदा
बीसीबी के मुताबिक इस टूर्नामेंट में कुल 2.5 करोड़ टका की प्राइज मनी और प्लेयर फीस रखी गई है। इसका मतलब है कि खिलाड़ियों को खेलने के साथ अच्छी कमाई का मौका भी मिलेगा। बोर्ड का कहना है कि मैच फीस भी दी जाएगी ताकि खिलाड़ी पूरे जोश के साथ उतरें। बीसीबी की कोशिश है कि यह टूर्नामेंट सिर्फ नाम का न हो, बल्कि पूरी तरह मुकाबले वाला और रोमांचक बने।
इम्पैक्ट प्लेयर नियम से बढ़ेगा रोमांच
इस टूर्नामेंट में इम्पैक्ट प्लेयर का नियम भी लागू किया जाएगा। यह नियम पहले ही दूसरे बड़े लीग मुकाबलों में काफी चर्चा में रहा है। इससे मैच के दौरान रणनीति बदलने और गेम पलटने का मौका मिलता है। बीसीबी मानता है कि इससे युवा खिलाड़ियों को ज्यादा मौके मिलेंगे और मैच और भी दिलचस्प बनेंगे।
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सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में बड़ा बदलाव
इसी बीच बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने 2026 के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम में बड़ा बदलाव किया है। बीसीबी ने A+ कैटेगरी को पूरी तरह खत्म करने का फैसला किया है। वजह साफ बताई गई है कि इस समय कोई भी खिलाड़ी तीनों फॉर्मेट में लगातार नहीं खेल रहा है। ऐसे में टॉप कैटेगरी को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं बचता।
नई सोच, नया रास्ता
बीसीबी का मानना है कि यह फैसला खिलाड़ियों के प्रदर्शन को ज्यादा ईमानदारी से आंकने में मदद करेगा। दिलचस्प बात यह भी है कि इसी तरह का कदम भारत का क्रिकेट बोर्ड भी उठाने की तैयारी में है। कुल मिलाकर बांग्लादेश क्रिकेट अब पुराने ढर्रे से हटकर नए सिस्टम और नए टूर्नामेंट के जरिए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है। वर्ल्ड कप से बाहर होना झटका जरूर है, लेकिन बीसीबी इसे नए मौके में बदलने में जुट गया है।