बांग्लादेश सरकार ने अगले महीने होने वाली एशियन राइफल और पिस्टल चैंपियनशिप के लिए अपने निशानेबाजों को भारत जाने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब कुछ ही हफ्ते पहले बांग्लादेश ने सुरक्षा का हवाला देकर अपनी क्रिकेट टीम को टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारत भेजने से इनकार कर दिया था। इसी फैसले के बाद दोनों देशों के खेल संबंधों को लेकर सवाल खड़े हुए थे।
नई दिल्ली में होगी शूटिंग चैंपियनशिप
एशियन शूटिंग चैंपियनशिप 2 से 14 फरवरी के बीच नई दिल्ली के डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित की जाएगी। इस टूर्नामेंट में 17 देशों के 300 से ज्यादा निशानेबाज हिस्सा लेंगे। बांग्लादेश भी इस प्रतियोगिता में अपनी मजबूत टीम भेज रहा है। सरकार का कहना है कि यह आयोजन पूरी तरह इनडोर है और दर्शकों की संख्या भी सीमित रहेगी।
सुरक्षा को लेकर बांग्लादेश की दलील
इस फैसले पर बांग्लादेश के यूथ एंड स्पोर्ट्स सेक्रेटरी महबूब उल आलम ने साफ कहा कि शूटिंग मुकाबला इनडोर होने की वजह से इसमें कोई सुरक्षा जोखिम नहीं है। उन्होंने बताया कि आयोजकों ने पूरी सुरक्षा व्यवस्था की गारंटी दी है। इसी आधार पर सरकार ने निशानेबाजों के भारत दौरे को हरी झंडी दी है।
क्रिकेट पर क्यों बदला था रुख
इससे पहले बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी क्रिकेट टीम को टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारत भेजने से मना कर दिया था। इसके बाद आईसीसी ने सख्त फैसला लेते हुए बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल कर लिया। इस फैसले ने बांग्लादेश क्रिकेट को बड़ा झटका दिया था।
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मुस्तफिजुर और IPL विवाद
भारत और बांग्लादेश के बीच खेल विवाद तब और बढ़ा जब बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को IPL खेलने की अनुमति नहीं दी गई। कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें 9.20 करोड़ रुपए में खरीदा था, लेकिन बाद में BCCI के कहने पर 3 जनवरी को उन्हें टीम से रिलीज कर दिया गया। इसके बाद बांग्लादेश सरकार ने अपने देश में IPL मैचों के प्रसारण पर रोक लगा दी।
क्रिकेट और शूटिंग पर अलग नजरिया
अब सवाल उठ रहा है कि जब शूटिंग जैसे खेल के लिए भारत सुरक्षित है, तो क्रिकेट के लिए क्यों नहीं। बांग्लादेश सरकार के फैसलों से साफ है कि उसने क्रिकेट और अन्य खेलों के लिए अलग-अलग पैमाने अपनाए हैं। एक तरफ निशानेबाज भारत आ रहे हैं, दूसरी तरफ क्रिकेट को लेकर रिश्तों में अभी भी खटास बनी हुई है। यही वजह है कि खेल जगत में बांग्लादेश के दोहरे रवैये पर लगातार चर्चा हो रही है।