सर्दियों की सौगात बथुआ : सर्दियों का मौसम आते ही बाज़ार में हरी-भरी साग-सब्जियों की बहार आ जाती है और इन्हीं में एक खास नाम है बथुआ. बथुआ न सिर्फ स्वाद में लाजवाब होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें फाइबर, आयरन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो सर्दियों में शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। अक्सर लोग बथुआ का साग या पराठा बनाते हैं, लेकिन अगर आप रोज़-रोज़ वही स्वाद खाकर बोर हो गए हैं, तो बथुआ आलू की सब्जी एक बेहतरीन विकल्प है। यह सब्जी कम मेहनत में तैयार हो जाती है और रोटी या पराठे के साथ खूब जंचती है.
बथुआ आलू सब्जी के लिए जरूरी सामग्री
इस स्वादिष्ट सब्जी को बनाने के लिए आपको बहुत ज़्यादा सामग्री की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। आमतौर पर जो चीज़ें घर में मौजूद होती हैं, उन्हीं से यह सब्जी तैयार हो जाती है। इसके लिए ताज़ा हरा बथुआ, उबले या कच्चे आलू, सरसों का तेल, जीरा, हींग, हरी मिर्च, अदरक और रोज़मर्रा के मसाले जैसे हल्दी, धनिया पाउडर और नमक पर्याप्त होते हैं। चाहें तो स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ा सा लहसुन या सूखा लाल मिर्च भी डाल सकते हैं। सामग्री कम होने के बावजूद इस सब्जी का स्वाद बेहद भरपूर और देसी लगता है.
बथुआ की सही तैयारी है स्वाद की कुंजी
सब्जी बनाने से पहले बथुआ को अच्छी तरह साफ करना बहुत ज़रूरी है, क्योंकि इसके पत्तों में अक्सर मिट्टी लगी होती है। सबसे पहले बथुआ को डंठल से अलग करें और पत्तों को 2–3 बार साफ पानी से धो लें। इसके बाद पत्तों को बारीक काट लें। आलुओं को छीलकर छोटे टुकड़ों में काट लें या चाहें तो हल्का उबालकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। सही तरह से कटी हुई सब्ज़ियां न सिर्फ जल्दी पकती हैं, बल्कि मसालों के साथ अच्छी तरह मिक्स होकर स्वाद को भी दोगुना कर देती हैं.
ये भी पढ़ें - ना लॉन्ड्री, ना थकान! भारी रजाई-कंबल धोने की टेंशन खत्म, अपनाएं संगीता त्यागी का आसान देसी तरीका
बथुआ आलू सब्जी बनाने की आसान विधि
अब एक कढ़ाही में सरसों का तेल गरम करें। तेल गरम होते ही उसमें जीरा और हींग डालें। जब जीरा चटकने लगे, तो अदरक और हरी मिर्च डालकर हल्का सा भूनें। इसके बाद कटे हुए आलू डालें और हल्दी, नमक डालकर 4–5 मिनट तक चलाते हुए पकाएं। जब आलू हल्के नरम हो जाएं, तब उसमें कटा हुआ बथुआ डालें। बथुआ डालते ही यह थोड़ा सिकुड़ जाएगा, इसलिए घबराएं नहीं। अब धनिया पाउडर डालकर सब्जी को ढककर धीमी आंच पर पकने दें। बीच-बीच में चलाते रहें ताकि सब्जी तले में न लगे। कुछ ही मिनटों में खुशबूदार बथुआ आलू की सब्जी तैयार हो जाती है.
परोसने के सुझाव और सेहत से जुड़े फायदे
गरमा-गरम बथुआ आलू की सब्जी को सादे पराठे, मक्के की रोटी या बाजरे की रोटी के साथ परोसें। ऊपर से थोड़ा सा देसी घी डाल दें तो स्वाद और भी निखर जाता है। यह सब्जी न सिर्फ स्वादिष्ट होती है, बल्कि पाचन को दुरुस्त रखने में भी मदद करती है। सर्दियों में इसे खाने से शरीर को गर्माहट मिलती है और मौसमी कमजोरी दूर होती है। कम मसालों और कम मेहनत में बनने वाली यह सब्जी रोज़मर्रा के खाने को खास बना देती है। अगर आप सर्दियों में कुछ हेल्दी, देसी और झटपट बनने वाला खाना ढूंढ रहे हैं, तो बथुआ आलू की सब्जी ज़रूर ट्राई करें.