भारत बनाम साउथ अफ्रीका वनडे सीरीज में 2-1 की जीत के बाद गौतम गंभीर ने कहा था कि वनडे फॉर्मेट में बल्लेबाजी क्रम को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया जाता है। अब इस बयान पर दक्षिण अफ्रीका के पूर्व सुपरस्टार एबी डिविलियर्स भी सामने आए हैं। अपने यूट्यूब चैनल पर मिस्टर 360° ने कहा कि वह गंभीर की इस राय से कुछ हद तक सहमत हैं। डिविलियर्स का कहना है कि वनडे में ऑर्डर बदलना गलत नहीं, लेकिन यह बहुत नाजुक रणनीति है क्योंकि खिलाड़ी अपनी निश्चित भूमिका के हिसाब से ही बेहतर प्रदर्शन करते हैं।
तीन बैटिंग जोन और स्मार्ट बदलाव की जरूरत
एबी डिविलियर्स ने बताया कि वनडे में पूरी टीम को तीन हिस्सों में समझना चाहिए टॉप 3, फिर नंबर 4 से 6 तक के बल्लेबाज, और फिर लोअर ऑर्डर। उन्हीं के शब्दों में, यह पूरा ढांचा ही टीम की रीढ़ होता है। उनका मानना है कि कुछ हालातों में बदलाव जरूरी होता है जैसे दाएं-बाएं हाथ के संयोजन को बनाए रखना, मैच की स्थिति के मुताबिक किसी आक्रामक बल्लेबाज को ऊपर भेजना, या स्पिन/पेस के खिलाफ बेहतर खिलाड़ी उतारना। लेकिन उन्होंने साफ कहा कि “भूमिका के साथ ज्यादा छेड़छाड़ टीम के संतुलन को बिगाड़ सकती है।
टी-20 में भारत की धमाकेदार निरंतरता की तारीफ
भारतीय टीम की चर्चा करते हुए एबी डिविलियर्स ने खास तौर पर टी–20 क्रिकेट में भारत की लगातार बेहतरीन परफॉर्मेंस की तारीफ की। उन्होंने कहा कि टी20 दुनिया का सबसे अनिश्चित प्रारूप है, जहां आज की मजबूत टीम कल अचानक कमजोर दिख सकती है। लेकिन भारत ने इस फॉर्मेट में पिछले कई वर्षों से गजब की स्थिरता दिखाई है। डिविलियर्स का मानना है कि यह भारत की क्रिकेटिंग डेप्थ का नतीजा है जहां बेंच स्ट्रेंथ भी मैच का पासा पलट सकती है। उन्होंने इसे टीम इंडिया के सही दिशा में आगे बढ़ने का प्रमाण बताया।
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टीम की भूमिकाओं का सम्मान सबसे बड़ा नियम
डिविलियर्स ने अपने विश्लेषण में अंत में कहा कि वनडे क्रिकेट में लचीलापन एक अच्छी रणनीति है, लेकिन खिलाड़ी की बुनियादी भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बल्लेबाजी क्रम बदलने की कला तभी काम करती है, जब टीम का हर खिलाड़ी अपनी जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से जानता हो। उनकी नजर में भारत आज इसी संतुलन को बनाते हुए तीनों फॉर्मेट में मजबूत कदम बढ़ा रहा है।