Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले राजनीतिक माहौल गरमाता जा रहा है। एक ओर भारतीय जनता पार्टी ने परिवर्तन यात्राओं की शुरुआत कर दी है और 15 मार्च को कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में बड़ी सभा का ऐलान किया है, जिसमें नरेंद्र मोदी शामिल होंगे। वहीं दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस ने मतदाता सूची को लेकर विरोध का बिगुल फूंका है।
6 मार्च को ममता का धरना
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के खिलाफ 6 मार्च को कोलकाता के मेट्रो चैनल, एस्प्लेनेड में धरने पर बैठने की घोषणा की है। पार्टी का आरोप है कि अंतिम मतदाता सूची में बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो लोकतांत्रिक अधिकारों के विपरीत है।
लाखों नाम बाहर
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि प्रकाशित सूची से लाखों मतदाताओं के नाम गायब हैं और कई अन्य नाम ‘विचाराधीन’ रखे गए हैं। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही और इससे आम लोगों के मताधिकार पर असर पड़ा है।
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15 मार्च की रैली
दूसरी ओर भाजपा ने राज्य के विभिन्न हिस्सों से परिवर्तन यात्राएं शुरू की हैं। पार्टी 15 मार्च को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड मैदान में शक्ति प्रदर्शन करने जा रही है। इस रैली को चुनाव से पहले भाजपा की बड़ी रणनीतिक पहल माना जा रहा है।
चुनाव से पहले बढ़ती तनातनी
तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि यदि मतदाता सूची में संशोधन नहीं हुआ तो आंदोलन और व्यापक हो सकता है। वहीं भाजपा चुनावी तैयारियों में जुटी है। ऐसे में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले ही राज्य में सियासी टकराव तेज होता दिख रहा है।