Bengal High Court: देशभर में शब-ए-बारात का त्योहार मनाने की तैयारियों के बीच कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में पटाखों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि शब-ए-बारात के मौके पर अवैध और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले पटाखों की अनुमति नहीं होगी। यह आदेश राज्य में प्रदूषण नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिया गया है।
पूरी तरह रोक
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी तरह के पटाखे नहीं फोड़े जा सकेंगे। मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी सेन की खंडपीठ ने यह निर्देश जारी करते हुए साफ किया कि तय समयसीमा का सख्ती से पालन कराया जाए।
पुलिस की जिम्मेदारी तय
अदालत ने राज्य पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया है कि वे त्योहार के दौरान पूरी सतर्कता बरतें। कोर्ट ने कहा कि प्रतिबंधित या पर्यावरण के लिए हानिकारक पटाखों पर पूरी तरह रोक लगनी चाहिए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।
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शिकायत पर संज्ञान
यह मामला एक याचिका के बाद सामने आया, जिसमें याचिकाकर्ता ने शब-ए-बारात के दौरान अवैध पटाखों से होने वाली शारीरिक और मानसिक परेशानी का जिक्र किया था। कोर्ट ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को निर्देश दिया कि त्योहार के दौरान याचिकाकर्ता और उसके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा दी जाए।
रिपोर्ट का निर्देश
हाई कोर्ट ने पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को आदेश दिया है कि वे इस मामले में की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट अगली सुनवाई में पेश करें। अदालत ने इस केस की अगली सुनवाई अप्रैल महीने में तय की है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने शब-ए-बारात के अवसर पर राज्य में अवकाश भी घोषित किया है, ऐसे में कोर्ट का यह आदेश प्रशासन के लिए अहम माना जा रहा है।