पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद अब मंत्रियों के विभागों का बंटवारा भी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने शुरुआती स्तर पर अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी तय कर प्रशासनिक कामकाज को गति देने की कोशिश की है। माना जा रहा है कि यह बंटवारा सरकार की प्राथमिकताओं और राजनीतिक संतुलन दोनों को ध्यान में रखकर किया गया है।
दिलीप घोष को मिली बड़ी जिम्मेदारी
दिलीप घोष को पंचायत मामलों एवं ग्रामीण विकास के साथ पशुधन विकास मंत्रालय सौंपा गया है। ग्रामीण इलाकों में पार्टी की पकड़ मजबूत करने और विकास योजनाओं को तेजी देने के लिहाज से इस विभाग को काफी अहम माना जा रहा है।
निशित प्रमाणिक संभालेंगे उत्तर बंगाल
निशित प्रमाणिक को उत्तर बंगाल विकास, युवा कल्याण और खेल विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। उत्तर बंगाल क्षेत्र चुनाव के दौरान भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा था, ऐसे में यह मंत्रालय राजनीतिक दृष्टि से भी काफी अहम माना जा रहा है।
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महिला और जनजातीय विकास पर फोकस
अग्निमित्रा पाल को महिला एवं बाल कल्याण और नगर निगम विभाग दिया गया है। वहीं खुदीराम टुडू को जनजातीय विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली है। सरकार इन विभागों के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश करती दिख रही है।
खाद्य विभाग और आगे का विस्तार
अशोक कीर्तनिया को खाद्य विभाग सौंपा गया है। फिलहाल शुरुआती मंत्रिमंडल में सीमित चेहरों को शामिल किया गया है, लेकिन आने वाले समय में मंत्रिपरिषद का विस्तार होना बाकी है। राज्य में मंत्रियों की अधिकतम संख्या 44 हो सकती है, ऐसे में अभी कई और नेताओं को सरकार में जगह मिलने की संभावना बनी हुई है।