Bharat Taxi Launch Yogi : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में ‘भारत टैक्सी’ सेवा का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने टैक्सी सेवा के साथ प्रदेश की कानून-व्यवस्था, किसानों और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी सरकार के कामकाज का जिक्र किया। भारत टैक्सी में टैक्सी, कार, ऑटो और दोपहिया वाहन चालकों को जोड़ने की व्यवस्था है। सेवा में चालकों से कमीशन नहीं लेने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा देने की बात कही गई है।
भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत हुई
योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाकर भारत टैक्सी को रवाना किया और खुद भी कैब में सवारी की। इस सेवा में अब तक करीब 50 हजार चालक जुड़ चुके हैं, जिनमें लगभग 40 हजार लखनऊ के बताए गए हैं। चालकों को पांच लाख रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा और शून्य कमीशन पर सेवा से जुड़ने की सुविधा देने की जानकारी दी गई। यह सेवा अप्रैल से पायलट परियोजना के तौर पर चल रही थी।
पीक टाइम किराये पर भी बात
कार्यक्रम के दौरान भारत टैक्सी के जरिए यात्रियों को स्थिर और किफायती किराये की सुविधा देने की बात सामने आई। खासतौर पर व्यस्त समय में निजी कैब सेवाओं के किराये में होने वाली बढ़ोतरी के बीच इस मॉडल को विकल्प के तौर पर पेश किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी चालकों से भारत टैक्सी से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि चालक अपनी सुविधा के अनुसार कुछ घंटे टैक्सी चलाकर आय बढ़ा सकते हैं।
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कानून व्यवस्था पर योगी का दावा
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए प्रदेश में दंगों, कर्फ्यू, वाहन चोरी और खराब सड़कों के मुद्दे उठाए। उन्होंने दावा किया कि अब प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बदली है और करीब 14 लाख सीसीटीवी कैमरों की मदद से निगरानी व्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि अब चोरी होने पर अगले चौराहे पर उसके ‘इलाज’ की व्यवस्था है। ये बातें मुख्यमंत्री के अपने संबोधन में कही गईं।
अब कर्फ्यू नहीं लगता, दंगा नहीं होता...
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) September 23, 2026
क्योंकि अगले चौराहे पर 'इलाज' की व्यवस्था भी है... pic.twitter.com/N5H66XBdxg
किसानों के लिए छह प्रतिशत कर्ज
इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का ई-पोर्टल भी शुरू किया गया। योजना के तहत लघु और सीमांत किसानों को सहकारी ग्राम विकास बैंक से छह प्रतिशत ब्याज दर पर छह लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण देने की व्यवस्था है। योजना का लक्ष्य पांच वर्षों में पांच लाख किसानों को लाभ पहुंचाना है। सरकार ने इसके लिए 384 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसके अलावा उर्वरक सेतु और सहकारी डेटाबेस केंद्र के मोबाइल ऐप भी लॉन्च किए गए।