Bharat Tiwari encounter case: बिहार के चर्चित भरत तिवारी कथित पुलिस एनकाउंटर मामले में नया मोड़ आ गया है। घटना के 22 दिन बाद भरत तिवारी का परिवार न्याय की मांग को लेकर दिल्ली पहुंच गया है। परिवार ने घोषणा की है कि रविवार से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना और अनशन शुरू किया जाएगा। परिजनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे। परिवार का दावा है कि इस आंदोलन को कई सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिलेगा।
जंतर-मंतर पर न्याय की लड़ाई लड़ने का ऐलान
दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने बताया कि उनके माता-पिता भी राजधानी पहुंच चुके हैं और रविवार सुबह 10 बजे से जंतर-मंतर पर धरना शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल भरत तिवारी के लिए न्याय की मांग नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और कथित अन्याय के खिलाफ भी होगा। परिवार अपने साथ उस स्थान की मिट्टी भी लेकर आया है, जहां कथित एनकाउंटर हुआ था, और उसी की सौगंध लेकर न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
न्यायिक जांच आयोग की कार्रवाई जारी
मामले की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग की कार्यवाही भी जारी है। आयोग के निर्देश पर जगदीशपुर के एसडीपीओ ने छह गवाहों को समन जारी किया है। इनमें चार गवाह बिलौटी गांव और दो गवाह जवइनिया गांव के निवासी हैं। सभी को आयोग के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, भरत तिवारी के माता-पिता आयोग के सामने पेश होकर घटना से जुड़े तथ्यों से अवगत करा चुके हैं, जबकि समन मिलने के बावजूद उनके भाई और भाभी निर्धारित तिथि पर गवाही के लिए नहीं पहुंचे।
17 जून की घटना के बाद बना जांच आयोग
भरत तिवारी की 17 जून को कथित पुलिस एनकाउंटर के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना के बाद राज्यभर में मामला चर्चा का विषय बना और निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी। बढ़ते विवाद के बीच राज्य सरकार ने पटना हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया। आयोग का कार्यालय आरा के डीपीआरसी भवन में बनाया गया है, जहां मामले से जुड़े पक्षों के बयान और साक्ष्य दर्ज किए जा रहे हैं।
इंसाफ मिलने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
भरत तिवारी के परिजनों ने स्पष्ट कहा है कि वे न्याय मिलने तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो धरना और विरोध प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा। अब इस मामले में न्यायिक जांच की प्रगति और सरकार की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।