Big decision in Unnao Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत से जुड़े मामले में दोषी जयदीप सिंह सेंगर को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने चिकित्सा आधार पर जमानत बढ़ाने की याचिका खारिज करते हुए उन्हें निर्धारित समय के भीतर जेल में सरेंडर करने का निर्देश दिया। जयदीप, पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई हैं और इस मामले में सजा काट रहे हैं।
क्या थी याचिका
जयदीप सिंह सेंगर ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने दावा किया कि वह मुंह के उन्नत चरण के कैंसर से पीड़ित हैं और बीमारी दोबारा उभरने के संकेत मिल रहे हैं। याचिका में तत्काल इलाज की आवश्यकता बताई गई थी।
कोर्ट का रुख
दिल्ली उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि आरोपी को नियमानुसार जेल में आत्मसमर्पण करना होगा। हालांकि, मुख्य अंतरिम जमानत याचिका पर आगे सुनवाई की तारीख तय की गई है।
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अगली सुनवाई की तारीख
अदालत ने चिकित्सा आधार पर दायर मुख्य याचिका पर 24 फरवरी को सुनवाई करने का निर्णय लिया है। तब तक जयदीप को न्यायिक हिरासत में रहना होगा। इस दौरान उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर संबंधित रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत की जा सकती है।
मामला क्यों है चर्चित
यह प्रकरण उन्नाव की उस पीड़िता के पिता की मौत से जुड़ा है, जिनकी पुलिस हिरासत में कथित पिटाई के बाद मृत्यु हो गई थी। इस मामले में जांच के बाद जयदीप सिंह सेंगर को दोषी ठहराया गया था। अदालत का ताजा आदेश इस संवेदनशील मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।