Putins India visit: यूक्रेन युद्ध के बाद व्लादिमीर पुतिन की पहली भारत यात्रा वैश्विक राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यह दौरा दोनों देशों की साझेदारी की असली परीक्षा जैसा देखा जा रहा है, क्योंकि भारत एक ओर रूस पर रक्षा सहयोग और सस्ते तेल के लिए निर्भर है, वहीं दूसरी ओर वह अमेरिका और पश्चिमी देशों से अपने रिश्ते भी संतुलित रखना चाहता है। पीएम नरेंद्र मोदी और पुतिन की मुलाकात ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया नए भू-राजनीतिक समीकरणों का सामना कर रही है। इसलिए इस यात्रा से जुड़ी सबसे बड़ी उम्मीद है कि दोनों देश आर्थिक, सामरिक और तकनीकी सहयोग के नए संतुलन का रास्ता तय करें। भारत चाहता है कि रूस के साथ व्यापार असंतुलन कम हो और रूस भारतीय उत्पादों की खरीद बढ़ाए, जबकि रूस को पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच भारत जैसा स्थिर और बड़ा बाज़ार चाहिए।
भारत की रणनीति
भारत के लिए इस यात्रा का सबसे बड़ा लक्ष्य उस आर्थिक असंतुलन को संबोधित करना है, जिसमें भारत रूस से भारी मात्रा में तेल और उर्वरक खरीदता है लेकिन निर्यात बेहद कम करता है। भारत चाहता है कि रूस भारतीय दवाइयों, कृषि उत्पादों और औद्योगिक सामान की खरीद बढ़ाए। दूसरी तरफ रक्षा मोर्चे पर भारत को S-400 की बची हुई डिलीवरी, परमाणु पनडुब्बी परियोजना की समयसीमा और भविष्य की एयर डिफेंस क्षमताओं पर स्पष्टता चाहिए। SU-57 जैसे स्टेल्थ फाइटर जेट पर बातचीत भी भारत की सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा होगी। पश्चिमी दबावों के बीच भारत चाहता है कि रूस के साथ सहयोग जारी रहे लेकिन कोई ऐसा कदम न उठे जिससे अमेरिका की नाराज़गी बढ़े।
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बाज़ार, तकनीक और लंबे साझेदारी मॉडल
पश्चिमी प्रतिबंधों से घिरे रूस के लिए भारत सबसे बड़ा भरोसेमंद साझेदार है। रूस चाहता है कि भारत उसके तेल और ऊर्जा क्षेत्र के लिए स्थायी बाज़ार बना रहे। साथ ही, वह संयुक्त तकनीक और हथियार उत्पादन को नई साझेदारी की रीढ़ बनाना चाहता है ताकि दोनों देशों को दीर्घकालिक लाभ मिल सके। भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे होने पर हो रहा यह शिखर सम्मेलन किसी बड़े आयोजन से ज्यादा ‘शांत कूटनीति’ का उदाहरण है। माना जा रहा है कि दोनों देश ज्यादा प्रचार से बचते हुए पुराने समझौतों में सुधार और संयुक्त उत्पादन जैसे व्यावहारिक कदमों पर जोर देंगे। यही वजह है कि पुतिन का यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को स्थिरता, संतुलन और नई दिशा देने का सबसे महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।