
बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सड़कों से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह राजनीति की गर्माहट साफ तौर पर महसूस की जा सकती है. इस बार सिर्फ दलों में नहीं, बल्कि दो बड़े गठबंधनों राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और महागठबंधन में सीधी टक्कर होने वाली है. चुनाव से पहले दोनों ही पक्षों ने जनता को अपनी सोच, योजना और इरादे समझाने के लिए अपने-अपने घोषणापत्र जारी कर दिए हैं. वहीं इस बार इन घोषणापत्रों को इस बार सिर्फ दस्तावेज़ नहीं, बल्कि जनता से किए गए वादों की बुनियाद की तरह पेश किया गया है.
जहां एनडीए ने अपने घोषणा पत्र को ‘संकल्प पत्र’ का नाम दिया है, जिसमें बिहार को उद्योग, कौशल प्रशिक्षण, सड़क-रेल विकास और महिलाओं की आर्थिक मजबूती के जरिए नए दौर में ले जाने का दावा किया गया है. तो वहीं दूसरी ओर महागठबंधन ने अपने घोषणापत्र को तेजस्वी प्रण कहा है. इसमें रोजगार देने, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, महिलाओं की आर्थिक सहायता, युवाओं की पढ़ाई और स्वास्थ्य को केंद्र में रखा गया है. महागठबंधन ने अपने वादों को सिर्फ आर्थिक योजना नहीं, बल्कि जनता से लिया गया वचन कहा है.
एनडीए का संकल्प पत्र
अपने संकल्प पत्र को लेकर एनडीए का कहना है कि आने वाले सालों में बिहार को उद्योग और कौशल का बड़ा केंद्र बनाया जाएगा. ताकि युवाओं को रोजगार के लिए राज्य छोड़कर बाहर न जाना पड़े. इसके साथ ही बिजली, सड़क, मेट्रो, स्वास्थ्य और महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं पर जोर दिया गया है.
1 करोड़ रोजगार के अवसर होंगे तैयार
एनडीए का दावा है कि आने वाले समय में 1 करोड़ रोजगार के अवसर तैयार किए जाएंगे. इसमें सरकारी नौकरियों के साथ-साथ उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस सेक्टर में भी नई नौकरियां बनाने की बात कही गई है. जिसका लक्ष्य यह है कि बिहार से बाहर जाने वाले युवाओं को अपने ही राज्य में काम मिल सके.
‘ग्लोबल स्किलिंग हब’ बनाने की योजना
बिहार को ‘ग्लोबल स्किलिंग हब’ बनाने के लिए हर जिले में बड़े कौशल प्रशिक्षण कैंपस बनाने की योजना तैयार की गई है. यहां युवाओं को AI, मशीन, डाटा एनालिटिक्स, तकनीकी काम, डिज़ाइन, ऑटोमोबाइल और हेल्थकेयर जैसे आधुनिक क्षेत्रों में ट्रेनिंग दी जाएगी.
सालाना ₹9,000 मिलेंगे हर किसान परिवार को
किसानों के लिए कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना में हर किसान परिवार को साल में ₹9,000 सीधे बैंक खाते में देने का वादा किया गया है. यह किसानों के लिए स्थायी आर्थिक मदद की तरह प्रस्तुत किया गया है.
7 नए एक्सप्रेसवे, 4 शहरों में नई मेट्रो सेवा
7 नए एक्सप्रेसवे, 3600 किलोमीटर रेल पथ का आधुनिकीकरण और 4 शहरों में नई मेट्रो सेवा, यानी बिहार के शहरों और गांवों को तेज और आसान यात्रा सुविधाओं से जोड़ने की योजना है.
घर-घर मुफ्त बिजली और इलाज
125 यूनिट तक मुफ्त बिजली और ₹5 लाख तक सरकारी स्वास्थ्य सहायता, यह उन परिवारों के लिए राहत है जो हर महीने के खर्च में सबसे ज्यादा दबाव इन दो चीजों पर महसूस करते हैं.
1 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य
महिला मिशन करोड़पति योजना के तहत 1 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है. महिलाओं को स्वरोजगार, उद्यम और वित्तीय प्रशिक्षण से जोड़ा जाएगा.
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50 लाख नए पक्के घर
राज्य में 50 लाख नए पक्के घर बनाए जाएंगे, ताकि गरीब और मध्यम-वर्गीय परिवार खुद की छत के सपने को पूरा कर सकें.
किसानों के लिए राहत
किसानों की सभी फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने की गारंटी का वादा
महागठबंधन और एनडीए के घोषणा पत्र में ज्यादा अंतर नहीं
वहीं बात करें महागठबंधन के घोषणा पत्र की तो इसमें महिलाओं से लेकर किसानों तक को शामिल जरूर किया गया है. साथ ही वोटरों को लुभाने के लिए 20 दिन के पायलट प्रोजेक्ट भी दिए गए है. इसके साथ ही युवाओं को रोजगार तो किसानों को एमएसपी की गारंटी का वादा भी किया गया है. देखा जाए तो महागठबंधन और एनडीए दोनों के ही घोषणात्रों में ज्यादा अंतर नहीं है.