.jpg%3Falt%3Dmedia%26token%3Df5c028b8-94ba-4a5c-89ed-34d05846c10e&w=3840&q=75)
Bihar elections: बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा करते हुए जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने संकेत दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में दो सीटों से चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि वे या तो तेजस्वी यादव की पारंपरिक राघोपुर सीट से मैदान में उतरेंगे या फिर अपनी जन्मभूमि रोहतास जिले की करगहर सीट से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे दोनों सीटों से एक साथ भी चुनाव लड़ सकते हैं। एक डिजिटल कार्यक्रम में प्रशांत किशोर ने कहा कि वे पहले भी कह चुके हैं और फिर दोहरा रहे हैं कि अगर नीतीश कुमार चुनाव लड़ते हैं तो वे निश्चित तौर पर मैदान में उतरेंगे।
नीतीश कुमार पर साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने अपने बयान में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पिछले 20 साल से सीधे चुनाव नहीं लड़ते और यही वजह है कि उन्हें "पिछले दरवाजे का नेता" कहा जा सकता है। पीके ने यह भी कहा कि राजनीति में सही मायने में प्रतिनिधित्व तभी होता है जब नेता जनता से सीधे चुनाव लड़कर आएं। उनका कहना था कि अगर नीतीश कुमार चुनाव मैदान में उतरते, तो वे बिना किसी हिचकिचाहट के उन्हीं के खिलाफ खड़े होते।
यह भी देखेंःBihar Assembly Elections: बिहार विधानसभा चुनाव, प्रशांत किशोर ने करगहर सीट से उतरने का किया ऐलान
जन्मभूमि और कर्मभूमि से चुनाव की रणनीति
प्रशांत किशोर ने अपने राजनीतिक दर्शन को समझाते हुए कहा कि हर नेता को अपनी जन्मभूमि और कर्मभूमि से चुनाव लड़ना चाहिए। इसी तर्ज पर उन्होंने संकेत दिया कि वे वैशाली जिले की राघोपुर सीट और सासाराम (रोहतास) की करगहर सीट—दोनों जगह से चुनाव लड़ सकते हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पीके का यह ऐलान बिहार के सियासी समीकरणों को बदल सकता है। अब देखना होगा कि जन सुराज पार्टी किस तरह का रणनीतिक फैसला लेती है और पीके किस सीट से अपनी सियासी पारी की शुरुआत करते हैं।