
बिजनौर जिले के बढ़ापुर क्षेत्र में पुल न होने और नदी के बढ़े जलस्तर ने एक मरीज की जान ले ली. चकउदयचंद गांव के 52 साल के ओमराज पिछले कई दिनों से बीमार थे. सोमवार सुबह अचानक उनके पेट में तेज दर्द उठा. परिजन और ग्रामीण उन्हें इलाज के लिए पास के बढ़ापुर कस्बे ले जाना चाहते थे, जो महज़ ढाई किलोमीटर दूर है.
गांव से आधा किलोमीटर दूर बहने वाली पहाड़ा नदी का जलस्तर सोमवार सुबह काफी बढ़ गया था. पानी का बहाव इतना तेज था कि ग्रामीण इसे पार करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे. ओमराज बैलगाड़ी में लेटे दर्द से कराह रहे थे और लोग जलस्तर कम होने का इंतजार कर रहे थे. करीब एक घंटे तक यही स्थिति बनी रही.
ग्रामीणों में आक्रोश
आखिरकार बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हुए और बैलगाड़ी समेत नदी में उतरकर जैसे-तैसे पार किया. लेकिन कस्बे की ओर बढ़ते हुए बढ़ापुर से लगभग ढाई किलोमीटर पहले ही ओमराज की हालत बिगड़ गई और उन्होंने तेज हिचकियों के साथ दम तोड़ दिया.
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ओमराज की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया. उन्होंने मौके पर जमकर हंगामा किया और नदी पर पुल निर्माण की मांग दोहराई. उनका कहना था कि अगर समय पर दवा मिल जाती, तो शायद ओमराज की जान बचाई जा सकती थी.ओमराज का परिवार मेहनत-मजदूरी करके जीवन यापन करता है. उनकी अचानक मौत से परिवार पर गहरा संकट आ गया है.
ग्रामीणों की नहीं सुनी गई गुहार
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बरसात के मौसम में पहाड़ा और सिपिया नदी का जलस्तर बढ़ने से सरदारपुर छायली, चकउदयचंद, बहेड़ी और काशीवाला जैसे गांव टापू की तरह अलग-थलग पड़ जाते हैं. इलाज, शिक्षा और जरूरी सामान की आपूर्ति ठप हो जाती है. ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को बरसात से पहले पुल निर्माण का काम शुरू कर देना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी और की जान न जाए.