Birth Death Certificate New Rules : जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के नियम अब पहले जैसे नहीं रहेंगे। संसद के मानसून सत्र में 'जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन (संशोधन) विधेयक 2026' पारित होने के बाद रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में बड़े बदलाव किए गए हैं। सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य फर्जी प्रमाण पत्र बनने पर रोक लगाना और समय पर रजिस्ट्रेशन को बढ़ावा देना है। नए नियम खास तौर पर उन मामलों पर लागू होंगे, जहां जन्म या मृत्यु की सूचना तय समय पर दर्ज नहीं कराई जाती।
1 साल से ज्यादा देरी पर सख्त प्रक्रिया
नए नियम के मुताबिक अगर जन्म या मृत्यु की सूचना 1 साल बाद लेकिन 2 साल के भीतर दी जाती है, तो रजिस्ट्रेशन सीधे नहीं होगा। इसके लिए जिलाधिकारी (DM), अपर जिलाधिकारी (ADM) या उनके द्वारा अधिकृत कार्यकारी मजिस्ट्रेट की जांच और आदेश के बाद ही प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
2 साल से ज्यादा देरी पर कोर्ट का आदेश जरूरी
अगर जन्म या मृत्यु की जानकारी 2 साल से अधिक समय बाद दी जाती है, तो मामला और सख्त हो जाएगा। ऐसे मामलों में अब प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (Judicial Magistrate First Class) के आदेश के बिना रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। यानी देरी होने पर संबंधित व्यक्ति को कोर्ट की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ेगी।
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सरकार ने क्यों बदले नियम?
सरकार ने संसद में बताया कि कई मामलों में वर्षों बाद गलत दस्तावेजों के आधार पर जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के मामले सामने आए हैं। इससे फर्जी पहचान पत्र, गलत उम्र दर्ज कराने और चुनावी सूची जैसी प्रक्रियाओं में गड़बड़ियों की शिकायतें मिली थीं। नए नियमों का उद्देश्य ऐसी अनियमितताओं पर रोक लगाना है।
समय पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा जरूरी
सरकार ने लोगों से अपील की है कि जन्म या मृत्यु होने के बाद निर्धारित समय के भीतर इसकी जानकारी नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत में जरूर दर्ज कराएं। समय पर रजिस्ट्रेशन कराने से प्रमाण पत्र आसानी से बन जाएगा और भविष्य में किसी तरह की कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
लापरवाही पड़ सकती है भारी
नए नियम लागू होने के बाद देरी से रजिस्ट्रेशन कराने वालों को अतिरिक्त जांच, प्रशासनिक प्रक्रिया और जरूरत पड़ने पर अदालत का सहारा लेना होगा। इसलिए विशेषज्ञ भी सलाह दे रहे हैं कि जन्म और मृत्यु से जुड़े सभी दस्तावेज समय पर बनवाएं, ताकि आगे किसी सरकारी काम या कानूनी प्रक्रिया में परेशानी न आए।