BJP attacks SIR controversy: देश के 12 राज्यों में चल रही मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर राजनीति गर्म हो गई है। एक ओर विपक्ष सरकार पर वोट काटने का आरोप लगा रहा है, तो दूसरी ओर झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी द्वारा बीएलओ को कमरे में बंद करने जैसी अपील ने विवाद को और बढ़ा दिया है। इसी मामले पर अब BJP ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष को चुनावी प्रक्रिया में बाधा डालने और लोकतंत्र को हाईजैक करने की कोशिश करने वाला गठबंधन करार दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के बयान न सिर्फ संवैधानिक प्रक्रिया पर हमला हैं, बल्कि मतदाताओं को भ्रमित करने की साज़िश भी है।
लोकतंत्र को बंधक बनाने की कोशिश
BJP प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने इरफान अंसारी के बयान को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि बीएलओ को बंधक बनाने की अपील लोकतंत्र को बंधक बनाने जैसा है। वहीं, पश्चिम बंगाल में टीएमसी के बीएलए जमीरुल इस्लाम मल्ला द्वारा बीएलओ को फोन पर धमकाने के आरोप का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह स्थिति और भी खतरनाक है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता से डरता है और इसलिए SIR जैसी आवश्यक प्रक्रिया का विरोध कर रहा है।
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घुसपैठियों को बचाने की राजनीति
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने स्वयं मतदाता सूचियों के नियमित संशोधन की वकालत की थी, ताकि मतदान प्रक्रिया निष्पक्ष और अपडेटेड रह सके। ऐसे में SIR का विरोध करना बाबा साहब के विचारों को नकारने जैसा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घुसपैठियों के जरिए सत्ता प्राप्त करने की राजनीति की जा रही है। त्रिवेदी ने ममता बनर्जी के पुराने बयान का हवाला देते हुए कहा कि TMC प्रमुख भी पहले मतदाताओं की पहचान सुनिश्चित करने की मांग कर चुकी हैं, लेकिन अब गठबंधन की राजनीति के चलते हर आवश्यक प्रक्रिया पर सवाल उठाया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष से पूछा कि आखिर वह देश में किस तरह का वातावरण तैयार करना चाहता है।