BJP Mission 2027 : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 भले अभी दूर हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से मिशन-2027 का आगाज कर दिया है। मेरठ और सहारनपुर के दो दिवसीय दौरे के जरिए भाजपा उन 71 विधानसभा सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति बना रही है, जिन्हें प्रदेश की सत्ता का अहम रास्ता माना जाता है।
क्यों खास है पश्चिमी उत्तर प्रदेश?
पश्चिमी यूपी का राजनीतिक गणित हमेशा से प्रदेश की सत्ता तय करने में अहम भूमिका निभाता रहा है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, शामली, सहारनपुर, बुलंदशहर और गाजियाबाद जैसे जिलों में जाट, गुर्जर और किसान समुदाय का बड़ा प्रभाव है। यही वजह है कि भाजपा इस क्षेत्र में संगठन को और मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। पार्टी का मानना है कि 2027 की जीत की नींव पश्चिमी यूपी से ही रखी जा सकती है।
पांच हजार शक्ति केंद्र संयोजकों से संवाद
नितिन नवीन के दौरे का सबसे बड़ा फोकस संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करना है। भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर के मुताबिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष करीब पांच हजार शक्ति केंद्र संयोजकों से सीधा संवाद करेंगे। इस दौरान बूथ, मंडल, जिला और क्षेत्रीय स्तर पर संगठन की स्थिति की समीक्षा होगी। साथ ही आगामी कार्यक्रमों और चुनावी रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी।
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कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कवायद
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इस दौरे को संगठन के लिए नई ऊर्जा देने वाला बताया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के सीधे संवाद से कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ेगा और संगठनात्मक अभियानों को नई गति मिलेगी। सांसदों, विधायकों, पूर्व जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकें भी प्रस्तावित हैं, जिनमें जमीनी फीडबैक लिया जाएगा।
विपक्ष भी मैदान में सक्रिय
जहां भाजपा संगठन मजबूत करने में जुटी है, वहीं विपक्षी दल भी अपनी तैयारियों को धार दे रहे हैं। समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोक दल सामाजिक समीकरणों को साधने में लगे हैं। दूसरी ओर कांग्रेस ने किसानों के मुद्दों को लेकर मुजफ्फरनगर से गौतम बुद्ध नगर तक किसान अधिकार यात्रा निकालने का ऐलान किया है। ऐसे में पश्चिमी यूपी एक बार फिर राजनीतिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनता नजर आ रहा है।
71 सीटों पर नजर, 2027 का लक्ष्य साफ
भाजपा का यह दौरा सिर्फ संगठनात्मक बैठक तक सीमित नहीं माना जा रहा। राजनीतिक जानकारों के अनुसार पार्टी अभी से उन क्षेत्रों की पहचान कर रही है जहां उसे अतिरिक्त मेहनत की जरूरत है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 71 विधानसभा सीटों पर मजबूत पकड़ बनाने के लिए भाजपा नेतृत्व लगातार सक्रिय है। ऐसे में मेरठ से शुरू हुआ यह अभियान आने वाले महीनों में प्रदेश की राजनीति का बड़ा केंद्र बन सकता है, जहां सत्ता और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी रणनीति को धार देते नजर आएंगे।