BJP sees historic: वित्त वर्ष 2024-25 में भारतीय जनता पार्टी को चंदे के मामले में अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है। पार्टी को इस दौरान कुल 6,654 करोड़ रुपये से ज्यादा का चंदा प्राप्त हुआ, जो पिछले साल की तुलना में करीब 68 प्रतिशत अधिक है। यह वही अवधि रही जब लोकसभा चुनावों के साथ कई राज्यों में विधानसभा चुनाव भी हुए। चुनाव आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक, यह रकम अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच मिली और इसमें 20 हजार रुपये से अधिक के सभी दान का ब्योरा शामिल है। दूसरी ओर, कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के चंदे में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
इलेक्टोरल ट्रस्ट, कॉरपोरेट का दबदबा
बीजेपी को मिले कुल चंदे का बड़ा हिस्सा इलेक्टोरल ट्रस्ट्स के जरिए आया। प्रूडेंट, प्रोग्रेसिव और न्यू डेमोक्रेटिक जैसे ट्रस्ट्स से हजारों करोड़ रुपये मिले, जिससे पार्टी की फंडिंग को मजबूत आधार मिला। इसके अलावा कई बड़ी कंपनियों ने भी खुलकर दान दिया। दवा, रियल एस्टेट, माइनिंग, ज्वेलरी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से जुड़ी कंपनियां प्रमुख दानदाताओं में रहीं। टेक और स्टार्टअप जगत से भी योगदान आया, जिसमें जानी-मानी ब्रोकरेज कंपनी के संस्थापक का नाम शामिल है। यह साफ संकेत देता है कि कॉरपोरेट सेक्टर का भरोसा फिलहाल बीजेपी के साथ बना हुआ है।
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नेताओं का योगदान, विपक्ष कमजोर
बीजेपी के कुछ मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी चंदा दिया, हालांकि यह रकम कुल फंड के मुकाबले सीमित रही। वहीं विपक्षी दलों की स्थिति कमजोर नजर आई। कांग्रेस के चंदे में 40 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जबकि तृणमूल कांग्रेस, बीआरएस, बीजेडी और टीडीपी जैसी पार्टियों की आय भी काफी घट गई। हालांकि आम आदमी पार्टी के चंदे में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली। यह साल इलेक्टोरल बॉन्ड खत्म होने के बाद पहला पूर्ण वित्तीय वर्ष रहा, जिससे राजनीतिक फंडिंग अब ज्यादा पारदर्शी लेकिन असंतुलित होती दिख रही है।