
BJP State president: गुजरात में बीजेपी ने आखिरकार अपने नए प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान कर दिया है। जगदीश विश्वकर्मा का निर्विरोध चयन लगभग तय है और औपचारिक घोषणा शनिवार को की जाएगी। इसके साथ ही अब देश के 24 राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष चुने जा चुके हैं। ऐसे में राजनीतिक हलकों में अब उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के नाम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यहां पिछले एक साल से संगठन चुनावों के बावजूद अध्यक्ष पद खाली है। शुरुआती तौर पर कहा गया था कि नए साल की शुरुआत में यूपी को नया अध्यक्ष मिल जाएगा, लेकिन उप-राष्ट्रपति चुनाव, पहलगाम हमला और अन्य घटनाओं के कारण ऐलान लगातार टलता गया।
ओबीसी नेता पर बीजेपी का झुकाव, कई नामों पर मंथन जारी
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए ओबीसी चेहरा आगे लाने पर विचार कर रही है। दावेदारों में धर्मपाल सिंह, केशव प्रसाद मौर्य, स्वतंत्र देव सिंह, अमरपाल मौर्य, बी.एल. वर्मा और बाबूराम निषाद के नाम प्रमुख हैं। वहीं दलित नेताओं में विनोद सोनकर, जुगल किशोर और विद्यासागर सोनकर चर्चा में हैं। अगर पार्टी ब्राह्मण नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाना चाहती है, तो डॉ. दिनेश शर्मा, श्रीकांत शर्मा, विजय बहादुर पाठक और गोविंद नारायण शुक्ला मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।
केंद्रीय-प्रदेश तालमेल और जातीय समीकरण से जुड़ी देरी
हालांकि, कोरम पूरा हो जाने के बावजूद यूपी में नए प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा नहीं की गई है। पार्टी रणनीतिक रूप से पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन का इंतजार कर रही है ताकि संगठन और सरकार के बीच तालमेल बनाए रखा जा सके। सूत्रों के मुताबिक, यदि राष्ट्रीय अध्यक्ष सवर्ण वर्ग से आते हैं तो यूपी में ओबीसी या दलित नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाएगा, और अगर केंद्र में ओबीसी या दलित नेता आते हैं तो प्रदेश में ब्राह्मण चेहरा चुना जा सकता है। बीजेपी का लक्ष्य 2027 चुनाव से पहले सामाजिक संतुलन के साथ संगठनात्मक मजबूती को प्राथमिकता देना है।