उत्तर प्रदेश में बीजेपी अध्यक्ष की नियुक्ति पिछले एक साल से चर्चा में है। 2024 लोकसभा चुनाव के बाद अनुमान लगाया जा रहा था कि महाकुंभ 2025 से पहले नया अध्यक्ष घोषित होगा, लेकिन भगदड़ और राजनीतिक घटनाओं के चलते यह निर्णय लटकता रहा। बीच में संक्रांति का समय, फिर बिहार चुनाव—हर बार ऐलान टलता गया। इस दौरान संगठन को सक्रिय रखने के लिए पार्टी ने 98 जिलों में से 84 जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी, जिससे अब प्रदेश अध्यक्ष चुनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।
पीडीए की काट खोजने में जुटी बीजेपी
माना जा रहा है कि अखिलेश यादव के पीडीए पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक नैरेटिव को संतुलित करने के लिए बीजेपी अब एक ऐसा चेहरा सामने ला सकती है जो जातिगत राजनीतिक संदेश दे सके। पार्टी की जिलाध्यक्ष लिस्ट देखें तो 45 सवर्ण, 32 ओबीसी और 7 एससी वर्ग के नेता चुने गए हैं। इस आधार पर देखा जाए तो बीजेपी व्यापक सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश में है और इसी दिशा में अध्यक्ष पद का फैसला हो सकता है।
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ब्राह्मण या महिला- कौन करेगा बीजेपी यूपी की कमान?
सूत्र बताते हैं कि इस बार बीजेपी दो चेहरों पर गंभीरता से विचार कर रही है ब्राह्मण चेहरा या महिला अध्यक्ष। 2017 में बीजेपी ने ब्राह्मणों को साधने के लिए महेंद्र नाथ पांडेय को अध्यक्ष बनाया था। 2022 चुनाव में ब्राह्मण बहुल सीटों पर हार-जीत के कारण यह समीकरण और महत्वपूर्ण हो गया है, इसलिए माना जा रहा है कि ब्राह्मण चेहरा फिर सामने आ सकता है। वहीं पहली बार महिला अध्यक्ष की संभावना भी जोर पकड़ चुकी है। पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति का नाम चर्चा में है, जिन्हें बिहार में सह-पर्यवेक्षक के रूप में भेजा गया था। भाजपा महिला सशक्तिकरण के साथ ओबीसी और हिंदुत्व का मजबूत संदेश देना चाहती है ऐसे में साध्वी का चयन गेमचेंजर हो सकता है।
कौन-कौन है रेस में, कब होगा ऐलान?
बीजेपी अध्यक्ष की रेस में कई नाम शामिल हैं। ब्राह्मण चेहरे के रूप में हरीश चंद्र द्विवेदी सबसे आगे बताए जा रहे हैं। ओबीसी नेतृत्व के लिए मंत्री धर्मपाल सिंह, केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा और सांसद बाबूराम निषाद मजबूत दावेदार हैं। दलित समुदाय से नेतृत्व देने पर रामशंकर कठेरिया और विद्या सागर सोनकर का नाम प्रमुख है। अब माना जा रहा है कि नए साल की शुरुआत में पार्टी कभी भी ऐलान कर सकती है, जिससे 2026 पंचायत और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को नई दिशा मिलेगी।