शीतकालीन सत्र शुरू होने से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को कड़ा संदेश दिया है। संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह सत्र देश की दिशा तय करने वाला होना चाहिए और सभी दलों को जिम्मेदारी से अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि वे पराजय की निराशा से बाहर निकलें और सही तरीके से देश के मुद्दों पर चर्चा करें। पीएम का सीधा इशारा बिहार चुनाव परिणामों के बाद विपक्ष की बयानबाजी की ओर था।
बिहार नतीजों पर भी टिप्पणी
पीएम मोदी ने कहा कि कुछ दल चुनावी हार को पचा नहीं पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के नतीजों को कई दिन हो गए हैं, लेकिन विपक्ष के ताजा बयान बताते हैं कि हार की बौखलाहट अभी भी खत्म नहीं हुई है। पीएम ने दोहराया कि यह सत्र न तो विपक्ष की पराजय की भड़ास निकालने का मंच बने, और न ही किसी की जीत के अहंकार का अखाड़ा। उन्होंने आग्रह किया कि जनप्रतिनिधि पूरे संतुलन और जिम्मेदारी के साथ जनता के हित में काम करें।
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14 विधेयक ला सकती है सरकार
सूत्रों के मुताबिक सरकार इस शीतकालीन सत्र में लगभग 14 महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है। बिहार में NDA की प्रचंड जीत के बाद केंद्र सरकार कानून बनाने और सुधारों को तेजी से आगे बढ़ाने के मूड में दिखाई दे रही है। पीएम मोदी ने कहा कि सत्र में ऐसी बहस होनी चाहिए जिससे देश का ज्ञान बढ़े, समस्याएं सामने आएं और समाधान भी प्रस्तुत हों। उन्होंने आशा जताई कि विपक्ष सकारात्मक सहयोग देगा।
SIR मुद्दे पर बढ़ सकती है गरमाहट
इस सत्र में विपक्ष विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी कर रहा है। कई राज्यों में इसको लेकर सियासी तनाव पहले ही बढ़ चुका है, ऐसे में संसद में यह बड़ा टकराव का कारण बन सकता है। विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया से मतदाता सूची में छेड़छाड़ की आशंका है, जबकि सरकार इसे पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है। ऐसे में शीतकालीन सत्र पूरी तरह राजनीतिक गर्मी से भरा दिख सकता है।