दुनियाभर में टी20 लीग का विस्तार तेजी से हुआ है और कई देशों ने आईपीएल की तर्ज पर अपनी लीग शुरू की है। हालांकि, सफलता और मुनाफे के मामले में बहुत कम लीग ही टिक पाई हैं। इन्हीं में से एक बांग्लादेश प्रीमियर लीग लगातार विवादों में रहती है। खासतौर पर खिलाड़ियों के भुगतान को लेकर बीपीएल की छवि बार-बार सवालों के घेरे में आई है। नया सीजन शुरू होते ही एक बार फिर वही पुराना मुद्दा सामने आ गया है, जिससे लीग की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नया सीजन शुरू, विवाद पहले से
बांग्लादेश प्रीमियर लीग का 12वां सीजन 26 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ, लेकिन उससे पहले ही लीग मुश्किलों में फंस गई। चट्टोग्राम रॉयल्स फ्रेंचाइजी के मालिकों ने सीजन शुरू होने से ठीक एक दिन पहले टीम से खुद को अलग कर लिया। इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड को फ्रेंचाइजी की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। इसी बीच भुगतान से जुड़ा पुराना मामला फिर उभर आया, जिसने लीग की तैयारियों पर पानी फेर दिया।
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हैदर अली का बड़ा दावा
इस बार मामला पाकिस्तानी बल्लेबाज हैदर अली के बयान से गर्माया है। नोआखाली एक्सप्रेस के लिए खेल रहे हैदर अली ने खुलासा किया कि उन्हें पिछले सीजन का पूरा भुगतान अब तक नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि वह चिटगांव की टीम से जुड़े थे और करीब 40 हजार डॉलर यानी लगभग 36 लाख रुपये का बकाया अभी बाकी है। हैदर अली ने कहा कि जब खिलाड़ियों को समय पर पैसा नहीं मिलता तो यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि लीग में खेलना सही फैसला है या नहीं।
पुराना इतिहास और बढ़ती चिंता
यह पहला मौका नहीं है जब बीपीएल में सैलरी विवाद सामने आया हो। पिछले सीजन में हालात इतने बिगड़ गए थे कि खिलाड़ियों ने ट्रेनिंग सेशन का बहिष्कार कर दिया था। खासकर दरबार राजशाही फ्रेंचाइजी पर भुगतान न करने के गंभीर आरोप लगे थे। विदेशी खिलाड़ियों को पैसा न मिलने से विवाद और बढ़ गया था, जिससे मैचों में देरी तक हुई। उस समय हालात संभालने के लिए सरकारी स्तर तक हस्तक्षेप करना पड़ा था। अब एक बार फिर भुगतान का मुद्दा सामने आने से लीग की साख पर असर पड़ता दिख रहा है।