बृजभूषण शरण सिंह ने यौन शोषण मामले में अदालत से बरी होने के बाद उत्तर प्रदेश के गोंडा में 'सत्यमेव जयते' रैली आयोजित कर अपनी राजनीतिक और सामाजिक मौजूदगी का प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी के बीच उन्होंने अपने खिलाफ लगे आरोपों, अदालत की कार्यवाही, विपक्षी दलों और आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात की। रैली के दौरान उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही उन्हें अपनी बेगुनाही पर भरोसा था और उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया का पूरा सम्मान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि कोई पक्ष उच्च न्यायालय का रुख करता है तो यह उसका संवैधानिक अधिकार है।
अदालती प्रक्रिया और अपने पक्ष पर रखा भरोसा
रैली को संबोधित करते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्होंने मुकदमे की हर सुनवाई में अदालत में उपस्थित होकर न्यायिक प्रक्रिया का पालन किया। उनका कहना था कि उन्होंने कभी स्वयं को दोषी नहीं माना और शुरू से ही अपने ऊपर लगे आरोपों का कानूनी तरीके से सामना किया। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ एक भी आरोप सिद्ध होता तो वह स्वयं कठोर दंड स्वीकार करने को तैयार थे। उन्होंने यह भी कहा कि अब यदि मामला उच्च न्यायालय तक जाता है तो वह भी उसका सामना करेंगे।
रामायण के प्रसंगों से रखा अपना पक्ष
अपने संबोधन में बृजभूषण शरण सिंह ने रामायण के पात्रों का उल्लेख करते हुए पूरे विवाद को अलग दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का प्रयास किया। उन्होंने आरोप लगाने वाली महिला पहलवानों की तुलना कैकेयी और मंथरा से करते हुए कहा कि कई बार इतिहास में कुछ पात्र स्वयं आलोचना सहकर भी बड़े घटनाक्रम का हिस्सा बनते हैं। साथ ही उन्होंने एकलव्य और द्रोणाचार्य का उदाहरण देते हुए कहा कि इस पूरे विवाद के कारण उनका नाम राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया।
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कानून की समीक्षा और विपक्ष पर टिप्पणी
पूर्व सांसद ने अपने संबोधन में यौन शोषण से जुड़े कानून की समीक्षा की आवश्यकता भी जताई। उनका कहना था कि ऐसे मामलों में कानून का दुरुपयोग रोकने के लिए व्यापक विचार-विमर्श होना चाहिए। उन्होंने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विभिन्न आंदोलनों के माध्यम से राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की जाती रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी को उनके खिलाफ कानूनी लड़ाई आगे बढ़ानी है तो वह उसका स्वागत करते हैं, क्योंकि न्यायालय में हर पक्ष को अपनी बात रखने का अधिकार है।
समर्थकों का आभार और आगे की रणनीति
रैली के अंत में बृजभूषण शरण सिंह ने अपने समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कठिन समय में मिले जनसमर्थन ने उनका मनोबल बढ़ाया। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में भी सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहेंगे और समाज के कमजोर वर्गों के साथ खड़े रहने का प्रयास करेंगे। उन्होंने समर्थकों से संयम बनाए रखने और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास रखने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए वह आगे भी हर कानूनी चरण का सामना करेंगे।