Notice Issued to LDA Official: लखनऊ में जून महीने में हुए कोचिंग सेंटर अग्निकांड, जिसमें 15 लोगों की मौत हुई थी, उस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के उपाध्यक्ष को अवमानना का नोटिस जारी किया है। आरोप है कि कोर्ट के उन निर्देशों का पालन नहीं किया गया, जिनमें रिहायशी इमारतों का व्यावसायिक उपयोग रोकने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया था।
SIT रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश करने का आदेश
जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने निर्देश दिया कि हादसे के बाद तैयार की गई विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट अगली सुनवाई पर सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष पेश की जाए। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि जिस इमारत में आग लगी थी, उसे वर्ष 2016 में गिराने का आदेश दिया गया था, लेकिन बाद में वह आदेश वापस ले लिया गया और आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कमर्शियल इलाकों में चल रहे कोचिंग संस्थानों पर चिंता
सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर समेत अन्य शहरों में व्यावसायिक क्षेत्रों में संचालित कोचिंग संस्थानों पर भी चिंता जताई। अदालत ने जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) को तीन सप्ताह के भीतर इस संबंध में उठाए गए कदमों का विस्तृत ब्योरा देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी आवंटन से अंतिम निर्णय से पहले कोई कानूनी अधिकार उत्पन्न नहीं होगा।
लंबित मामलों के जल्द निपटारे के निर्देश
अदालत ने अपीलों के लंबे समय तक लंबित रहने पर भी नाराजगी जताई और संबंधित अपीलीय प्राधिकरण को दो सप्ताह के भीतर ऐसे मामलों का निस्तारण करने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोचिंग संस्थानों के स्थानांतरण और सुरक्षा मानकों पर सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा के बाद मामले पर आगे सुनवाई की जाएगी।