देश की सुरक्षा में जुटी सीमा सुरक्षा बल की महिला जवानों ने अब एक नया इतिहास रच दिया है। बीएसएफ की पूरी तरह महिला पर्वतारोहण टीम ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर नया कीर्तिमान बना दिया। इस उपलब्धि के साथ टीम ने सिर्फ पहाड़ नहीं जीता बल्कि देश का गौरव भी ऊंचा कर दिया। इस ऐतिहासिक सफलता के बाद पूरे देश में इन महिला जवानों की चर्चा हो रही है।
दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर तिरंगे की गूंज
बीएसएफ के मुताबिक गुरुवार सुबह भारतीय समयानुसार करीब 8 बजे टीम ने सफलतापूर्वक माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचकर इतिहास रचा। खास बात यह रही कि शिखर पर पहुंचने के बाद महिला टीम ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम भी गाया। दुनिया की सबसे ऊंची जगह पर गूंजती यह आवाज देशभक्ति और साहस का बड़ा संदेश बन गई।
इन बेटियों ने बढ़ाया देश का मान
इस ऐतिहासिक अभियान में पश्चिम बंगाल की कांस्टेबल मुनमुन घोष, लद्दाख की कांस्टेबल कौसर फातिमा, उत्तराखंड की कांस्टेबल रबेका सिंह और कारगिल की कांस्टेबल सेरिंग चोरोल शामिल रहीं। अलग-अलग राज्यों से आई इन बेटियों ने एक टीम बनकर दिखा दिया कि हौसलों के आगे कोई ऊंचाई बड़ी नहीं होती।
अमित शाह ने दी बधाई
गृह मंत्री अमित शाह ने इस उपलब्धि पर महिला टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति ने बीएसएफ की अजेय ताकत को साबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर वंदे मातरम गाकर इन जवानों ने साहस, समर्पण और देशभक्ति की अनोखी मिसाल पेश की है।
हीरक जयंती वर्ष से जुड़ा मिशन
यह अभियान सिर्फ एक पर्वतारोहण यात्रा नहीं था बल्कि इसके पीछे एक खास मकसद भी था। बीएसएफ अपनी हीरक जयंती मना रही है और आने वाले समय में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ भी मनाई जानी है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस मिशन की योजना तैयार की गई थी।
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सीमा से शिखर तक बढ़ता कदम
करीब 2.7 लाख कर्मियों वाली बीएसएफ देश की सीमाओं की रक्षा करती है। लेकिन अब यह उपलब्धि बताती है कि देश की बेटियां सिर्फ सीमाओं पर नहीं बल्कि दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों पर भी तिरंगे का मान बढ़ा रही हैं। यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनकर सामने आई है।