Bullet Train News: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दक्षिण भारत के लिए बड़े हाईस्पीड रेल नेटवर्क की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रस्तावित साउथ बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। इसके तहत बेंगलुरु को चेन्नई, हैदराबाद और अमरावती से जोड़ा जाएगा। भविष्य में इस नेटवर्क का विस्तार पुणे तक करने की भी योजना है। सरकार का दावा है कि इस परियोजना से दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा आसान होगी और व्यापार, उद्योग तथा आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
चेन्नई और हैदराबाद पहुंचना होगा आसान
रेल मंत्री के मुताबिक, प्रस्तावित कॉरिडोर शुरू होने के बाद बेंगलुरु से चेन्नई का सफर करीब 73 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। वहीं, बेंगलुरु से हैदराबाद पहुंचने में लगभग 2 घंटे 10 मिनट लगने का अनुमान है। चेन्नई-बेंगलुरु-मैसूरु हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई 463 किलोमीटर प्रस्तावित है। इसमें चेन्नई से बेंगलुरु तक 306 किलोमीटर और बेंगलुरु से मैसूरु तक 157 किलोमीटर का मार्ग शामिल होगा। इससे मौजूदा यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी।
610 किलोमीटर का होगा हैदराबाद-बेंगलुरु रूट
हैदराबाद-बेंगलुरु हाईस्पीड रेल कॉरिडोर करीब 610 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है। इस मार्ग पर ट्रेनें 320 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकेंगी। फिलहाल दोनों शहरों के बीच रेल यात्रा में 10 से 12 घंटे लगते हैं, जिसे घटाकर लगभग ढाई घंटे करने का लक्ष्य है। इस रूट पर महबूबनगर, करनूल, अनंतपुर और चिकबल्लापुर जैसे शहरों को जोड़ने की योजना है। इससे दोनों बड़े आईटी केंद्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा।
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देश में सात बुलेट ट्रेन रूट पर तैयारी
सरकार की योजना के तहत सात प्रमुख हाईस्पीड रेल मार्गों पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है। इनमें दिल्ली-वाराणसी, दिल्ली-सिलीगुड़ी, मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, बेंगलुरु-चेन्नई, बेंगलुरु-हैदराबाद और चेन्नई-हैदराबाद कॉरिडोर शामिल हैं। रेल मंत्री ने बताया कि करीब 4,000 किलोमीटर के बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा भविष्य में 3,000 किलोमीटर के नए मार्गों की घोषणा भी की जा सकती है।
कर्नाटक को मिलेगी वंदे भारत की नई सौगात
बुलेट ट्रेन परियोजना के साथ कर्नाटक में वंदे भारत सेवाओं के विस्तार की भी तैयारी है। अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बेंगलुरु-मंगलुरु रेल मार्ग पर विद्युतीकरण और परीक्षण का काम जल्द पूरा किया जाएगा। इसके बाद इस रूट पर वंदे भारत ट्रेन चलाने की योजना है। इसके अलावा बेंगलुरु से उत्तरी कर्नाटक होते हुए हुबली, पुणे और मुंबई तक वंदे भारत स्लीपर सेवा शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा मिलने की उम्मीद है।