UP MLC Election 2026: उत्तर प्रदेश में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 11 विधान परिषद सीटों के लिए चुनाव प्रचार बुधवार को समाप्त हो गया। अब इन सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को की जाएगी। चुनाव में बैलेट पेपर के जरिए वोट डाले जाएंगे। प्रचार के आखिरी दिन भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के समर्थन में पूरी ताकत लगाई। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे इन चुनावों को दोनों दलों के लिए अहम माना जा रहा है। इस बीच, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर चुनाव में दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
11 सीटों पर होगा मतदान, स्नातक और शिक्षक चुनेंगे प्रतिनिधि
उत्तर प्रदेश की 11 एमएलसी सीटों में पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ और इलाहाबाद-झांसी शामिल हैं। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ, आगरा, वाराणसी, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और गोरखपुर-फैजाबाद शामिल हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत प्रदेश के सभी 75 जिले आते हैं। इन चुनावों में केवल संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में पंजीकृत पात्र स्नातक और शिक्षक ही मतदान कर सकेंगे।
बीजेपी और सपा के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला
इन चुनावों में कई निर्वाचन क्षेत्रों में बीजेपी और सपा के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। लखनऊ में बीजेपी के उमेश द्विवेदी का मुकाबला सपा के सुशील कुमार पटेल से है। मेरठ-गाजियाबाद सीट पर बीजेपी के श्रीचंद शर्मा और सपा के नितिन कुमार तोमर के बीच मुकाबला है। बरेली-मुरादाबाद में बीजेपी के डॉ. हरिसिंह ढिल्लों के सामने सपा के हाजी मोहम्मद दानिश अख्तर हैं। वाराणसी में बीजेपी के डॉ. प्रमोद मिश्रा और सपा के लाल बिहारी यादव चुनाव मैदान में हैं। आगरा-अलीगढ़ सीट पर बीजेपी के हरि किशोर तिवारी और सपा के डॉ. प्रकाश चंद गुप्ता के बीच मुकाबला है। गोरखपुर-फैजाबाद में बीजेपी के ध्रुव त्रिपाठी के सामने सपा के डॉ. संजय त्रिपाठी हैं, जो बीजेपी से बगावत कर चुनाव लड़ रहे हैं।
योगी और अखिलेश ने झोंकी ताकत
बीजेपी ने इन चुनावों के लिए व्यापक प्रचार अभियान चलाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद, गोरखपुर, वाराणसी, आगरा, मिर्जापुर और बरेली समेत विभिन्न क्षेत्रों में पार्टी उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार किया। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित कई मंत्रियों और विधायकों ने भी प्रचार अभियान में हिस्सा लिया। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी ने भी अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत लगाई। पिछले चुनाव में इन 11 सीटों में से सपा ने छह और बीजेपी ने पांच सीटें जीती थीं। ऐसे में इस बार दोनों दल अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में हैं।
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
चुनाव प्रचार समाप्त होने से पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए वोट के बजाय गलत तरीकों और धनबल का सहारा लेना चाहती है। अखिलेश ने दावा किया कि स्नातक एमएलसी चुनाव से ठीक पहले स्कूलों की मान्यता रद्द करने की अप्रत्यक्ष धमकी दी जा रही है, ताकि शिक्षक और स्नातक मतदाताओं पर दबाव बनाया जा सके। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तंज कसते हुए मतदाताओं से सपा उम्मीदवारों को समर्थन देने की अपील की। हालांकि, ये आरोप अखिलेश यादव ने लगाए हैं। अब 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान और 27 अक्टूबर को आने वाले नतीजों से पता चलेगा कि इन 11 सीटों पर किस पार्टी को बढ़त मिलती है।