High blood pressure in children: आजकल की अनियमित जीवनशैली, मोटापा और गलत खान-पान की वजह से बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले 20 सालों में यह दोगुना हो गया है। यह स्थिति भविष्य में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है। The Lancet Child & Adolescent Health में छपी एक नई स्टडी के मुताबिक, पिछले 20 सालों में 19 साल से कम उम्र के बच्चों और किशोरों में हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) के मामले लगभग दोगुने हो गए हैं।
20 साल में हाई बीपी के केस दोगुने हो गए
आपको बता दें कि द लैंसेट चाइल्ड एंड एडोलसेंट हेल्थ जर्नल में पब्लिश हुए रिव्यू में 96 स्टडीज और 21 देशों के 443,000 बच्चों पर रिसर्च की गई थी, जिसमें सामने आया कि 19 साल से कम उम्र के बच्चों में हाई ब्लड प्रेशर की दर 3.2 प्रतिशत से बढ़कर 6.2 प्रतिशत हो गई है। यानी सिर्फ 20 साल में हाई ब्लड प्रेशर के केस लगभग दोगुने हो गए हैं। करीब 11.4 बच्चे को हाई बीपी की समस्या है. जिसके कारण उन्हें आगे चलकर हार्ट डिजीज, किडनी डिजीज और कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है।
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हाई ब्लड प्रेशर का कारण
बता दें कि बच्चों में ब्लड प्रेशर बढ़ने का सबसे मुख्य कारण मोटापा है। जिन बच्चों में मोटापा है, उनमें हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बहुत ज्यादा है। ऐसे बच्चों में करीब 19% को हाइपरटेंशन पाया गया, जबकि स्वस्थ वजन वाले बच्चों में यह दर 3% से भी कम थी। मोटापा के अलावा अनियमित जीवनशैली, गलत खान-पान, अधिक प्रोसेस्ट फूड्स का सेवन, अधिक नमक का सेवन, स्नैक्स का सेवन और शारीरिक गतिविधियों में कमी भी हाई ब्लड प्रेशर का कारण बनती है।
14 साल के आसपास के लड़कों में तेजी से बढ़ रहा बीपी
एक रिसर्च के अनुसार साल 2000 में लगभग 3.4 प्रतिशत लड़के और 3 प्रतिशत लड़कियों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या देखी गई थी, लेकिन साल 2020 तक ये आंकड़ें काफी ज्यादा बढ़ गए। 2020 के अनुसार 6.5 प्रतिशत लड़कों में र 5.8 प्रतिशत लड़कियों में ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या देखी जा रही। एक स्टडी के अनुसार करीब 8.2% बच्चे "प्री-हाइपरटेंशन" या बढ़े हुए ब्लड प्रेशर की कैटेगरी में आते हैं। यानि बीपी अभी हाई नहीं हुआ है, लेकिन सामान्य से ज्यादा है। वहीं डॉक्टर्स का कहना है कि 14 साल के आसपास के लड़कों में बीपी तेजी से हाई होता है, इसलिए इस उम्र में लगातार जांच करते रहना चाहिए।