उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। करोड़ों रुपये के कथित बैंक ऋण घोटाले से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा कदम उठाते हुए मुंबई की विशेष अदालत में पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस कार्रवाई को लंबे समय से चल रही जांच में महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले पर देशभर की नजरें टिक गई हैं।
16 आरोपियों को बनाया गया आरोपी
सीबीआई द्वारा दायर चार्जशीट में कुल 16 आरोपियों के नाम शामिल किए गए हैं। इनमें रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, कंपनी के पांच वरिष्ठ अधिकारी और तीन सरकारी बैंकों के 10 तत्कालीन अधिकारी शामिल हैं। जांच एजेंसी का आरोप है कि बैंकिंग नियमों और ऋण शर्तों का उल्लंघन करते हुए फंड के उपयोग में गंभीर अनियमितताएं की गईं। इसी आधार पर एजेंसी ने अदालत के सामने अपने शुरुआती साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं।
2,050 करोड़ रुपये के फंड पर केंद्रित है जांच
प्रारंभिक आरोपपत्र का मुख्य फोकस 2,050 करोड़ रुपये के उन फंड्स पर है, जिनके कथित दुरुपयोग की जांच की जा रही है। इसमें भारतीय स्टेट बैंक द्वारा स्वीकृत 1,200 करोड़ रुपये का टर्म लोन, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की 500 करोड़ रुपये की लेटर ऑफ क्रेडिट सुविधा और तत्कालीन सिंडिकेट बैंक की 350 करोड़ रुपये की सुविधा शामिल है। आरोप है कि इन रकमों का उपयोग निर्धारित कारोबारी उद्देश्यों के बजाय अन्य कार्यों में किया गया, जिससे बैंकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
ये भी पढ़ें : E-Rupee की बढ़ती ताकत के बीच RBI का नया दांव, क्या बदल जाएगी भुगतान व्यवस्था?
हजारों करोड़ के नुकसान का दावा
जांच से जुड़े दस्तावेजों के अनुसार, भारतीय स्टेट बैंक ने आरोप लगाया है कि उसे करीब 2,929.05 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं सरकारी बैंकों के पूरे कंसोर्टियम को हुए नुकसान का आंकड़ा लगभग 19,694.33 करोड़ रुपये बताया गया है। यही वजह है कि इस मामले को देश के सबसे बड़े बैंकिंग विवादों में से एक माना जा रहा है। एजेंसियां वित्तीय लेनदेन और फंड फ्लो की गहराई से जांच कर रही हैं।
आने वाले दिनों में हो सकते हैं नए खुलासे
मामले में सार्वजनिक धन की बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण जांच पर विशेष नजर रखी जा रही है। सीबीआई पहले ही अनिल अंबानी समूह की विभिन्न कंपनियों के खिलाफ सात एफआईआर दर्ज कर चुकी है। जांच एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और आगे चलकर पूरक आरोपपत्र भी दाखिल किए जा सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में इस बहुचर्चित मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना बनी हुई है।