
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय की मदद से शनिवार को संयुक्त राज्य अमेरिका से वांछित भगोड़े लखविंदर कुमार की वापसी का सफलतापूर्वक समन्वय किया है। हरियाणा पुलिस को लखविंदर कुमार की तलाश है। वह जबरन वसूली, धमकी, अवैध हथियार रखने और उपयोग करने तथा हत्या के प्रयास से संबंधित कई आपराधिक मामलों से जुड़ा हुआ है। लखविंदर कुमार लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य है।
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रेड कॉनर नोटिस को प्रकाशित किया था
इससे पहले सीबीआई ने हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर बीते साल 26 अक्टूबर को इंटरपोल के जारिए लखविंदर कुमार के खिलाफ रेड कॉनर नोटिस को प्रकाशित किया था। लखविंदर कुमार को अमेरिका से निर्वासित किया गया और वह शनिवार को भारत पहुंचा। उसे दिल्ली हवाई अड्डे पर हरियाणा पुलिस की एक टीम ने हिरासत में लिया।
130 से अधिक वांछित अपराधियों को वापस लाया गया है
इंटरपोल की ओर से प्रकाशित रेड नोटिस, वांछित भगोड़ों पर नजर रखने के लिए दुनिया भर की सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भेजे जाते हैं। भारत में इंटरपोल को लेकर राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में सीबीआई, इंटरपोल चैनलों के जरिए मदद के लिए भारतपोल के जरिए भारत में सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करती है। बीते कुछ सालों में इंटरपोल इंटरपोल चैनलों के जरिए समन्वय करके 130 से अधिक वांछित अपराधियों को वापस लाया गया है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ हत्या, सुपारी किलिंग, रंगदारी, तस्करी, हथियारों की अवैध सप्लाई जैसी कई तरह के संगीन मामले दर्ज हैं। लॉरेंस बिश्नोई गैंग पहली बार चर्चा में तब आया जब पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की सरेआम हत्या कर दी गई। हालांकि वह लॉरेंस बिश्नाई उस वक्त जेल में था। इसके बाद भी जांच एजेंसियों का मानना है कि उसने हत्या की साजिश को जेल अंदर रहते हुए रची थी।